August 19, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

चेन्नई में सड़कों के नाम-बोर्ड से हटेंगे जातिसूचक शब्द, जीसीसी ने शुरू की गिनती

चेन्नई,  तमिलनाडु सरकार की सामाजिक न्याय पहल के तहत, ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) ने सार्वजनिक जगहों से जातिसूचक संदर्भों की पहचान करने और उन्हें हटाने के लिए पूरे शहर में सड़कों के नाम-बोर्ड की गिनती शुरू की है। कॉर्पोरेशन के सभी 15 जोन के अधिकारियों को सड़कों के नामों की जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। अब तक कोडंबक्कम, वलसरवक्कम और अड्यार जोन में जाति से जुड़े नामों वाली लगभग 77 सड़कों की पहचान की गई है। बाकी जोन से रिपोर्ट का इंतजार है।यह कवायद सामाजिक न्याय विभाग के उन निर्देशों के बाद शुरू की गई है जिनमें तमिलनाडु भर में स्थानीय निकायों के तहत रिहायशी इलाकों, सड़कों, रास्तों, जलाशयों और राजस्व गांवों से जुड़े जातिसूचक संदर्भों को हटाने या उनका नाम बदलने को कहा गया था।

नगर प्रशासन और जलापूर्ति विभाग ने 6 अक्टूबर को सरकारी आदेश 313 जारी किया था, जिसमें जातिगत पहचान बताने वाले या सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देने वाले सार्वजनिक नामों को बदलने के लिए दिशानिर्देश तय किए गए थे।इसके बाद सामाजिक न्याय विभाग ने चेन्नई कॉर्पोरेशन से सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की जांच करने और सुधारात्मक उपाय शुरू करने को कहा।दिशानिर्देशों के तहत, अगर किसी व्यक्ति के नाम का हिस्सा जातिसूचक शब्द है, तो केवल उस हिस्से को हटाया जाएगा। हालांकि, पूरी तरह से किसी जाति के नाम पर रखी गई सड़कों के नाम बदल दिए जाएंगे।जीसीसी अधिकारियों ने कहा कि संशोधित नाम को औपचारिक रूप से मंज़ूरी देने से पहले हर प्रस्ताव की जांच की जाएगी।

 

अन्य ख़बरें

महिलाओं के अधिकारों पर हमेशा डाका डालती है कांग्रेस: सीएम मोहन यादव

Newsdesk

हमारी पार्टी और उसके चुनाव चिह्न को बेचने के लिए हजारों करोड़ों की डील हुई : संजय राउत

Newsdesk

मायावती का बड़ा दांव, सतीश चंद्र मिश्र को चुनाव आयोग से जुड़े काम की अहम जिम्मेदारी

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading