जबलपुर। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकोशल स्वशासी अग्रणी महाविद्यालय के हिंदी विभाग में प्रख्यात व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की जयंती के अवसर पर विशेष विचार संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण शुक्ल, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी और प्राध्यापक डॉ. तृप्ति उकास ने प्रमुख वक्ता के रूप में अपने विचार रखे।
संगोष्ठी का उद्देश्य नई पीढ़ी को परसाई के रचना संसार, वैचारिक दृष्टि, जनसरोकार और युगीन यथार्थ से परिचित कराना रहा। वक्ताओं ने साहित्य और समाज के अंतर्संबंधों पर विचार साझा करते हुए परसाई की रचनाओं की वर्तमान प्रासंगिकता को रेखांकित किया।
हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण शुक्ल ने कहा कि परसाई का लेखन समाज को भीतर तक झकझोरने और व्यवस्थागत कमियों पर आत्ममंथन के लिए प्रेरित करता है। उनकी रचनाएं आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं।
प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी ने कहा कि परसाई ने भ्रष्टाचार, राजनीतिक पाखंड और सामाजिक विसंगतियों पर निर्भीकता से प्रहार किया। उन्होंने साहित्य को मनोरंजन के साथ व्यवस्था सुधार और जनचेतना का प्रभावी माध्यम बनाया।
वक्ताओं ने परसाई की सहज भाषा और व्यंग्य शैली पर चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने आम नागरिक की समस्याओं, मध्यवर्गीय जीवन के संघर्षों और सामाजिक अंतर्विरोधों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम में डॉ. महेंद्र कुमार कुशवाहा, लल्लाबाई लोधी और डॉ. तरुणेन्द्र साकेत सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और महाविद्यालयीन प्राध्यापक उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने भी परसाई की रचनाओं के विभिन्न पक्षों पर संवाद किया।


