जबलपुर। जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को बाल संरक्षण एवं पुनर्वास से जुड़ी संस्थाओं में रह रहे बच्चों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित सामग्री की प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में शासकीय बाल संप्रेक्षण गृह, जागृति बाल गृह और लाडली बसेरा के बच्चों द्वारा तैयार राखियां, क्राफ्ट सामग्री और विभिन्न हस्तकला कृतियां प्रदर्शित की गईं।
प्रदर्शनी का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीकृष्ण मूर्ति मिश्र की उपस्थिति एवं मुख्य आतिथ्य में जिला न्यायालय परिसर के गेट नंबर-3 पर किया गया। आयोजन का उद्देश्य बच्चों के हुनर को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना रहा।
किशोर न्याय बोर्ड जबलपुर की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट रुचि गोलस सगर के निर्देशन में रक्षाबंधन पर्व को ध्यान में रखते हुए बच्चों ने विशेष रूप से आकर्षक राखियां एवं अन्य सामग्री तैयार की। प्रदर्शनी में बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा और मेहनत को लोगों ने सराहा।
आयोजन में पीडीजे फैमिली कोर्ट दिव्याग्ना जोशी, स्पेशल जज सुनील कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभिषेक सोनी, जिला रजिस्ट्रार मंजुल सिंह, स्पेशल रेलवे मजिस्ट्रेट वेदप्रकाश सगर और स्पेशल नगर निगम मजिस्ट्रेट अरुण गोयल सहित न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदर्शनी के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला। न्यायिक अधिकारियों ने बच्चों द्वारा तैयार सामग्री का अवलोकन कर उनका उत्साहवर्धन किया। आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर बाल गृहों में रहने वाले बच्चे भी अपनी रचनात्मक प्रतिभा को निखारकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।


