सिवनी- खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जिले में दूध एवं दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता की जांच के लिए अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर नेहा मीणा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम मिल्क रैपिड टेस्टिंग किट के माध्यम से दूध विक्रेताओं और डेयरी यूनिटों की जांच कर रही है।
2 सितंबर को सिवनी शहर की विभिन्न दूध डेयरियों से दूध के नमूने लेकर रैपिड टेस्टिंग किट से प्राथमिक जांच की गई। दर्शन दूध डेयरी बारापत्थर, दिनशॉ दूध डेयरी गोपालगंज और क्वालिटी दूध डेयरी गोपालगंज से दूध के नमूने लिए गए। जांच में दिनशॉ दूध डेयरी के गाय के दूध का नमूना फेल पाए जाने पर उसका लीगल नमूना जांच के लिए लिया गया।
इससे एक दिन पहले 1 सितंबर को पावर दूध डेयरी से गाय का दूध, गाय-भैंस का दूध और मिश्रित दूध के नमूने लिए गए थे। अभयं दूध डेयरी से गाय के दूध एवं मिश्रित दूध तथा नांदी दूध संकलन केंद्र से दूध एवं मिश्रित दूध के नमूनों की भी रैपिड किट से जांच की गई। प्राथमिक जांच में संदिग्ध पाए गए नमूनों के लीगल सैंपल लेकर राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
खाद्य विभाग की टीम ने किराना दुकानों से भी विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लिए। बरघाट के गजेन्द्र किराना स्टोर से मूंगफली, तुवर दाल, सोया बड़ी और साबूदाना, गोडेगांव के मां विंध्यवासिनी किराना स्टोर से सूजी, गोपालगंज के अजय किराना स्टोर से लाल मिर्च पाउडर, गुप्ता किराना स्टोर से किसमिस एवं खारक तथा कैलाश साहू किराना स्टोर से सौंफ और सोया बड़ी के नमूने लिए गए। इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
वहीं खैरीटेक स्थित रूपक ट्रेडर्स में जांच के दौरान सही खाद्य पंजीयन नहीं पाए जाने पर खाद्य विभाग द्वारा नियमानुसार प्रकरण दर्ज किया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेन्द्र कुमार परते ने बताया कि जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।


