नमो प्रेरणा अभियान की औपचारिक शुरूआत के पूर्व मेडिकल कॉलेज में उन्मुखीकरण कार्यशाला का हुआ आयोजन
जबलपुर। कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान और उपचार के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिले में चलाये जाने वाले नमो प्रेरणा अभियान की औपचारिक शुरूआत के पहले आज गुरूवार को नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज सभागृह में उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कलेक्टर श्री राघवेन्द्र सिंह के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यशाला में जिला पंचायत के सीईओ एवं नमो प्रेरणा अभियान के नोडल अधिकारी श्री अभिषेक गहलोत, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना, अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा, सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी सहित स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की विशेषज्ञ टीम तथा स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि कैंसर की रोकथाम और समय पर पहचान के लिए जागरूकता तथा स्क्रीनिंग को अभियान के रूप में आगे बढ़ाना आवश्यक है। प्रारंभिक अवस्था में बीमारी की पहचान होने पर उपचार के बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर, डायबिटीज और हाइपरटेंशन जैसी गैर-संचारी बीमारियां आज बड़ी चुनौती हैं और बदलती जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियों में कमी तथा खान-पान में बदलाव के कारण इनका प्रभाव बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अभियान को दो स्तरों पर आगे बढ़ाया जाएगा। युवाओं एवं विद्यार्थियों को कैंसर के कारणों, जोखिम कारकों, बचाव और स्क्रीनिंग के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि वे यह संदेश अपने परिवारों तक पहुंचा सकें। वहीं स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को स्क्रीनिंग के लिए प्रशिक्षित कर संदिग्ध मरीजों को समयबद्ध रूप से विशेषज्ञ जांच के लिए भेजा जाएगा। स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की टीम द्वारा ब्लॉक, पीएचसी और सीएचसी स्तर पर विजिट कर संभावित मरीजों की विशेषज्ञ जांच की व्यवस्था की जाएगी।
जिला पंचायत के सीईओ एवं अभियान के नोडल अधिकारी श्री अभिषेक गहलोत ने कहा कि कैंसर के आंकड़े चिंताजनक हैं। नमो प्रेरणा अभियान का उद्देश्य केवल स्क्रीनिंग की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि समय पर पहचान, विशेषज्ञ जांच और आवश्यक उपचार सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि आगामी दो से तीन माह में स्क्रीनिंग का पूरा चक्र पूरा करने का प्रयास रहेगा।
कार्यशाला में बताया गया कि प्रत्येक एक लाख आबादी में लगभग 100 कैंसर रोगी हो सकते हैं, जिनमें करीब 40 प्रतिशत मामले स्तन, मुख एवं सर्वाइकल कैंसर से संबंधित हो सकते हैं। लगभग 50 प्रतिशत मामले तंबाकू जनित बताए गए। कैंसर से होने वाली मौतों में करीब 70 प्रतिशत मरीज 30 से 50 वर्ष की आयु के होते हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि असामान्य गांठ, लंबे समय तक बनी रहने वाली परेशानी अथवा अन्य असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर स्क्रीनिंग, जागरूकता और समुचित उपचार से कैंसर के खिलाफ प्रभावी लड़ाई लड़ी जा सकती है।
कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान और उपचार के प्रति जन-जागरूकता के लिए कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह की पहल पर जिले में चलाये जाने वाले नमो प्रेरणा अभियान का औपचारिक शुभांरभ 18 सितम्बर से होगा। अभियान के अंतर्गत स्कूलों और कॉलेजों में कैंसर की स्क्रीनिंग और जागरूकता के लिए शिविरों का आयोजन किया जायेगा। मेडिकल कॉलेज में आज आयोजित की गई उन्मुखीकरण कार्यशाला के समापन पर कैंसर की रोकथाम व बचाव तथा नशा मुक्ति के लिए शपथ भी दिलाई गई।


