बालाघाट:
शहर में दर्जी द्वारा समय पर और सही नाप के कपड़े न सिलने पर सेवा में कमी (डेफिशिएंसी इन सर्विस) का एक मामला जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, बालाघाट के समक्ष पहुंचा है। वार्ड क्रमांक 33, मोती नगर निवासी 24 वर्षीय सूर्यांश सिंगारे ने कृष्णा डेयरी रोड स्थित सागर टेलर के संचालक मोहसिन खान उर्फ मोहर खान के विरुद्ध उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 35 के तहत परिवाद दायर किया है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए सिलवाए थे कपड़े
परिवाद के अनुसार, शिकायतकर्ता रायपुर में 22 जुलाई से 26 जुलाई 2026 तक आयोजित योगा इंस्ट्रक्टर प्रशिक्षण में भाग लेने जा रहा था। इसके लिए उसने 16 अप्रैल 2026 को सागर टेलर को 7 मीटर सफेद सूती कपड़ा (कीमत लगभग ₹6,500) देकर दो जोड़ी कुर्ता-पैजामा सिलने का ऑर्डर दिया था और ₹200 अग्रिम राशि जमा की थी। टेलर ने 30 अप्रैल तक वस्त्र तैयार करने का भरोसा दिलाया था।
डिलीवरी में देरी और फिटिंग में खराबी
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कपड़े तय समय पर नहीं दिए गए और टालमटोल के बाद 15 मई 2026 को शेष ₹2,400 (कुल सिलाई ₹2,600) लेकर वस्त्र सौंपे गए। घर जाकर पहनने पर कपड़ों की फिटिंग और नाप में गंभीर खामियां पाई गईं।
सुधार के बावजूद नहीं सुधरी फिटिंग, खरीदनी पड़ी रेडीमेड ड्रेस
परिवादी का कहना है कि उसने विवाद करने के बजाय टेलर को कई बार सुधार (Alteration) के लिए कपड़े दिए (जिसमें 30 जून और 3 जुलाई की तारीखें शामिल हैं)। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। योगा कार्यक्रम के लिए वस्त्र अनुपयोगी साबित होने के कारण परिवादी को मजबूरी में अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाकर ऐन वक्त पर बाजार से रेडीमेड कपड़े खरीदने पड़े।
लीगल नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर आयोग में गुहार
शिकायतकर्ता ने अधिवक्ता के माध्यम से 21 जुलाई 2026 को टेलर को कानूनी नोटिस भेजा था, लेकिन टेलर द्वारा गलती मानने के बजाय झूठे आरोप लगाए गए। इसके बाद परिवादी ने उपभोक्ता आयोग की शरण ली।
आयोग के समक्ष की गई प्रमुख मांगें:
* कपड़े और सिलाई की लागत: ₹9,100 की वापसी।
* सेवा में कमी की क्षतिपूर्ति: ₹50,000।
* मानसिक प्रताड़ना व असुविधा: ₹50,000।
* वाद व्यय व अधिवक्ता शुल्क: ₹50,000 परिवादी सूर्यांश सिंगारे ने सागर टेलर के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज की है। परिवादी ने रायपुर के योग कार्यक्रम के लिए दो कुर्ता-पैजामे सिलवाए थे, जिनकी फिटिंग खराब होने के कारण वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। उन्होंने सिलाई और कपड़े के खर्च व अन्य नुकसान की भरपाई के लिए कुल ₹1,59,100 की क्षतिपूर्ति की मांग की है।


