जबलपुर के विजयनगर थाना क्षेत्र में आवास योजना के तहत मकान फाइनेंस कराने का झांसा देकर 60 हजार रुपये की कथित धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार बल्दीकोरी की दफाई, कांचघर निवासी 32 वर्षीय राजकरण कोरी ने 13 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने प्रोफेसर कॉलोनी माढ़ोताल निवासी दुर्गेश तिवारी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
नगर निगम की आवास योजना में मकान दिलाने का दिया भरोसा
शिकायतकर्ता के मुताबिक जून 2025 में उनकी मुलाकात दुर्गेश तिवारी से हुई थी। आरोप है कि दुर्गेश ने नगर निगम की आवास योजना के तहत कुदवारी क्षेत्र में मकान दिलाने और उसका फाइनेंस कराने की बात कही।
राजकरण का दावा है कि 21 जून 2026 को दुर्गेश के कहने पर वह विजयनगर स्थित घड़ी चौक पहुंचा और ऑनलाइन माध्यम से उसके खाते में 14 हजार रुपये ट्रांसफर किए। इसके साथ ही पंजाब नेशनल बैंक, घमापुर शाखा का एक ब्लैंक चेक भी देने की बात शिकायत में कही गई है।
बैंक वेरिफिकेशन के नाम पर खाते में रखवाए रुपये
शिकायत के अनुसार दुर्गेश ने बैंक वेरिफिकेशन का हवाला देते हुए खाते में रकम बनाए रखने को कहा, जिसके बाद राजकरण ने अपने खाते में 45 हजार रुपये जमा कर दिए।
25 जून को उनके मोबाइल पर बैंक से खाते से 46 हजार रुपये निकलने का संदेश आया। आरोप है कि पूछने पर दुर्गेश ने यह राशि 12 घंटे में वापस आने की बात कही, लेकिन रकम अब तक वापस नहीं मिली।
कुल 60 हजार रुपये की ठगी का आरोप
राजकरण का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में उनसे कुल करीब 60 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। पैसे वापस मांगने के बावजूद रकम नहीं लौटाई गई।
विजयनगर पुलिस ने शिकायत के आधार पर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर बैंक ट्रांजेक्शन, ब्लैंक चेक और अन्य दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। आरोपों की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।


