जबलपुर (जयलोक)। नेशनल हॉस्पिटल एंड हार्ट इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर एवं समाजसेवी डॉ. आनंद तिवारी का आज निधन हो गया। वे हिमांशु तिवारी एवं सुधांशु तिवारी के पिता थे। उनकी अंतिम यात्रा विजय नगर स्थित निवास स्थान से रानीताल मुक्तिधाम के लिए रवाना हुई जहां उनका विधि विधान से अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर सभी वर्ग के लोगों ने उपस्थित होकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
डॉ. आनंद तिवारी शहर के प्रतिष्ठित गल्ला व्यापारी नर्मदा प्रसाद तिवारी के सुपुत्र थे। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में प्रवेश किया और शासकीय स्वास्थ्य विभाग में शहर के विभिन्न शासकीय अस्पतालों में अपनी सेवाएं दीं। बाद में शासकीय सेवा से त्यागपत्र देकर उन्होंने अपने साथियों के साथ गोलबाजार में नेशनल हॉस्पिटल की स्थापना की। उन्होंने अस्पताल के निरंतर विस्तार के साथ हार्ट इंस्टीट्यूट की भी स्थापना की और चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
डॉ. तिवारी चिकित्सा के साथ शहर के साहित्यिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। प्रतिष्ठित संस्था गुंजन कला सदन से उनका लंबे समय से जुड़ाव रहा और वे इसके प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। शहर में होली के अवसर पर आयोजित होने वाली रसरंग बारात की शुरुआत कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। बुंदेली दिवस के आयोजन में भी वे प्रमुख आयोजकों में शामिल रहे।
गत 1 सितंबर को आयोजित बुंदेली दिवस कार्यक्रम को उन्होंने अस्वस्थता के बावजूद घर पर लाइव देखा था। गुंजन कला सदन के विभिन्न आयोजनों में उनकी सक्रिय सहभागिता रहती थी। समाजसेवा के क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया।
डॉ. आनंद तिवारी के निधन से चिकित्सा, सामाजिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर है। दैनिक सी टाइम्स परिवार ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।


