नई दिल्ली, अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलों से जुड़ा 200 करोड़ रुपए का मामला एक बार फिर चर्चा में है। सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मकोका केस में जैकलीन को आरोपी बनाए जाने की मांग वाली अर्जी पर राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है और अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इससे पहले अदालत ने इस मांग पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा था। मौजूदा मामले में जैकलीन अभी मकोका केस की आरोपी नहीं हैं।दरअसल, 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन पहले से आरोपी हैं और मई 2026 में दिल्ली की अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था। वहीं, इसी से जुड़े जबरन वसूली और मकोका मामले में सुकेश और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए थे। उस समय उपलब्ध अदालत संबंधी रिपोर्टों में जैकलीन को मामले में आरोपी नहीं बताया गया था।नई अर्जी में मांग की गई कि जैकलीन को भी मकोका मामले में आरोपी बनाया जाए। 7 सितंबर को राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मांग पर दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा से जवाब मांगा था।
यह पूरा मामला सुकेश चंद्रशेखर पर लगे 200 करोड़ रुपए की कथित जबरन वसूली के आरोप से शुरू हुआ था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से जेल में बंद सुकेश ने कथित तौर पर खुद को एक बड़े सरकारी अधिकारी के रूप में पेश किया था। आरोप है कि उसने अदिति सिंह को उनके पति को जेल से बाहर निकलवाने और कानूनी मदद दिलाने का भरोसा देकर बड़ी रकम की मांग की। इसी शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच आगे बढ़ी।जांच के दौरान सामने आया कि सुकेश जेल के अंदर से ही एक संगठित नेटवर्क चला रहा था और उसके जरिए पैसे की वसूली की जा रही थी। पुलिस की जांच में उसके साथ कई अन्य लोगों के नाम सामने आए। बाद में मामले में मकोका की धाराएं भी जोड़ी गईं। दिल्ली पुलिस की जांच में यह दावा किया गया कि सुकेश और उसके सहयोगियों ने मिलकर एक संगठित अपराध सिंडिकेट की तरह काम किया।


