जबलपुर। जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय विभागों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों तथा निजी प्रतिष्ठानों में आउटसोर्स या ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए श्रम विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। सहायक श्रम आयुक्त सूर्यकांत सिरवैया ने सभी नियोजकों को निर्देश दिए हैं कि आउटसोर्स कर्मचारियों को विभिन्न श्रम कानूनों का लाभ और समय पर वेतन का भुगतान अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
जारी आदेश के अनुसार वेतन भुगतान अधिनियम, 1936 के तहत 1,000 से कम कर्मचारियों वाले संस्थानों में प्रत्येक माह की 7 तारीख तक वेतन का भुगतान होना आवश्यक है। श्रम विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों और एजेंसियों को निर्देश दिया है कि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिला है या नहीं, इसकी मासिक रिपोर्ट हर महीने की 7 तारीख तक श्रम आयुक्त कार्यालय को प्रेषित करें।
इसके साथ ही संविदा श्रम अधिनियम, 1970 के अंतर्गत विभाग और आउटसोर्स ठेकेदार दोनों का पंजीयन होना अनिवार्य किया गया है। श्रम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि औचक निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी संस्थान या ठेकेदार द्वारा नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।


