पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर भाजपा ने किया नमन
जबलपुर। भारतीय जनता पार्टी महानगर जबलपुर द्वारा भारतीय जनसंघ के महान विचारक, संगठनकर्ता एवं एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर उन्हें नमन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
पं. दीनदयाल चौक स्थित प्रतिमा पर भाजपा द्वारा माल्यार्पण कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मीकि, जिला अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज बिज, महामंत्री पंकज दुबे, अमित सोनू बचवानी, निशक्त जन कल्याण प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक संदीप रजक ने उपस्थित होकर पं दीनदयाल जी को नमन किया। साथ ही जिले के सभी 1041 बूथों में प दीनदयाल जी के चलचित्र पर उन्हें पुष्प अर्पित किया गए।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष रत्नेश सोनकर ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जीवन सादगी, त्याग, राष्ट्रनिष्ठा और संगठन के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने राजनीति को सत्ता प्राप्ति का माध्यम न मानकर राष्ट्रसेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण का माध्यम माना। उनका ‘अंत्योदय’ का विचार समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रेरणा देता है। उनके अंत्योदय और एकात्म मानववाद के विचारों से अंतिम पंक्ति तक का उत्थान भाजपा की सरकारें अपनी योजनाओं के माध्यम से कर रही है।
रत्नेश सोनकर ने कहा कि पंडित दीनदयाल जी ने भारतीय संस्कृति और जीवनदृष्टि को केंद्र में रखते हुए एकात्म मानववाद का विचार प्रस्तुत किया। उनका मानना था कि व्यक्ति, समाज, राष्ट्र और प्रकृति एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसलिए विकास का उद्देश्य केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि व्यक्ति के सर्वांगीण विकास और समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण से जुड़ा होना चाहिए , दीनदयाल जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्र के लिए समर्पित रहा। उन्होंने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं के भीतर राष्ट्रभाव, सेवा और अनुशासन की भावना विकसित करने का कार्य किया। उनके विचारों ने भारतीय राजनीति को एक वैकल्पिक वैचारिक आधार प्रदान किया औरभाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
रत्नेश सोनकर ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के विचार का मूल उद्देश्य यही था कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। गरीब, वंचित, किसान, श्रमिक, महिला और समाज के कमजोर वर्गों के सम्मान एवं कल्याण को प्राथमिकता देना ही उनके विचारों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
दीनदयाल जी की जयंती केवल श्रद्धांजलि देने का अवसर नहीं, बल्कि उनके विचारों को अपने आचरण और कार्यों में उतारने का संकल्प लेने का दिन है। प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, उसकी समस्याओं को समझे और सेवा कार्यों के माध्यम से उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करे, यही पंडित दीनदयाल जी के प्रति सच्चा सम्मान होगा।
इस अवसर पर तृष्णा चटर्जी, प्रणीत वर्मा, संकल्प पाठक, रीना राय, योगेश बिलोहा, पुष्पराज पांडे, राजेश तिवारी, श्रीराम शुक्ला, दिलीप दुबे, जयकांत उपाध्याय, राजेश रोहरा, भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में पार्टी के वरिष्ठजन उपस्थित थे।


