26.5 C
Jabalpur
September 27, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

सोनोग्राफी सेंटरों से जुड़े मामले में पुलिस नहीं कर सकती जांच


PC-PNDT Act में पुलिस जांच पर हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सोनोग्राफी सेंटरों से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया कि केवल एफआईआर में PC-PNDT Act के प्रावधान शामिल होने के आधार पर पूरी एफआईआर को निरस्त नहीं किया जा सकता। यदि एफआईआर में ऐसे अन्य अपराध भी दर्ज हैं, जिनकी जांच पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आती है, तो उन धाराओं के संबंध में पुलिस जांच जारी रह सकती है।

हाईकोर्ट के इस आदेश से दोनों सोनोग्राफी सेंटरों को आंशिक राहत मिली है। याचिकाकर्ताओं को PC-PNDT Act के तहत पुलिस द्वारा जांच और चार्जशीट की कार्रवाई के संबंध में राहत दी गई है, लेकिन BNS की संबंधित धाराओं में दर्ज आरोपों की जांच पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।

अदालत ने अपने आदेश में PC-PNDT Act की विशेष जांच प्रक्रिया और BNS के तहत पुलिस के सामान्य आपराधिक जांच अधिकार के बीच अंतर स्पष्ट किया। कोर्ट ने माना कि यदि किसी मामले में ऐसे अपराध भी सामने आते हैं, जिनकी जांच पुलिस कानूनन कर सकती है, तो केवल PC-PNDT Act के प्रावधान जुड़े होने के कारण पुलिस की पूरी जांच पर रोक नहीं लगाई जा सकती।

इस आधार पर दोनों सोनोग्राफी सेंटरों के खिलाफ दर्ज मामले को पूरी तरह समाप्त करने की मांग स्वीकार नहीं की गई। PC-PNDT Act से संबंधित पुलिस कार्रवाई के संबंध में याचिकाकर्ताओं को राहत मिली, जबकि BNS की धाराओं के तहत दर्ज आरोपों पर जांच जारी रखने का रास्ता खुला रखा गया।

हाईकोर्ट की इस टिप्पणी से यह स्पष्ट हुआ कि किसी एफआईआर में विशेष कानून के प्रावधान शामिल होने मात्र से उसमें दर्ज अन्य संज्ञेय अपराधों की पुलिस जांच स्वतः समाप्त नहीं होती। संबंधित धाराओं के अनुसार जांच और आगे की कार्रवाई जारी रह सकती है।

अन्य ख़बरें

दिव्यांगों की यात्रा सुविधाओं को बेहतर बनाने रेलवे ने मांगे सुझाव

Newsdesk

भाजपा के 1041 बूथों पर कार्यकर्ताओं ने सुनी ‘मन की बात

Newsdesk

संगठन और समाज के बीच विश्वास का सेतु मजबूत करता है कार्यकर्ता:- रजनीश अग्रवाल

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading