मांग*
_100 प्रतिशत नुकसान वाले खेतों में 100 प्रतिशत क्षति दर्ज करने की मांग, किसान नेता राजेश सोलंकी ने दी आंदोलन की चेतावनी_
सिवनी/खैरा पलारी- जिले में विगत दिनों तेज आंधी-तूफान एवं बारिश के कारण किसानों की मक्का सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कई क्षेत्रों में खेतों में खड़ी मक्का की फसल पूरी तरह जमीन पर गिर गई, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। फसल क्षति का आकलन करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सर्वे दल गठित किए गए हैं, जो प्रभावित किसानों के खेतों में पहुंचकर नुकसान का जायजा ले रहे हैं।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के किसान नेता राजेश सोलंकी ने सर्वे कार्य के दौरान मांग की है कि जिन किसानों के खेतों में 100 प्रतिशत फसल क्षति हुई है, वहां सर्वे दल द्वारा वास्तविक स्थिति के अनुसार 100 प्रतिशत क्षति दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि सर्वे की प्रक्रिया केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसके आधार पर प्रभावित किसानों को निर्धारित समय सीमा में राहत राशि एवं फसल बीमा का लाभ भी मिलना चाहिए।
राजेश सोलंकी ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार से मांग की है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को उनकी वास्तविक फसल क्षति के अनुरूप मुआवजा एवं बीमा राशि समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसान आर्थिक संकट से उबर सकें।
उन्होंने कहा कि यदि किसानों की क्षति का उचित आकलन कर समय-सीमा में मुआवजा एवं बीमा राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन किसानों के हित में सड़क पर उतरकर जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।


