कलेक्टर के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, जिला पंचायत सदस्यों सहित किसानों ने फसल बीमा में कीट-रोगों को शामिल करने की उठाई मांग
परसवाड़ा। खरीफ सीजन में धान की फसल पर माहू सहित अन्य कीटों के प्रकोप से किसानों की चिंता बढ़ गई है। फसल को हो रहे नुकसान का किसानवार सर्वे कराकर शासन से आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को किसानों ने कलेक्टर के नाम अनुविभागीय अधिकारी राजस्व परसवाड़ा को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में किसानों ने बताया कि माहू एवं अन्य कीटों के प्रकोप से खेतों में खड़ी धान की फसल खराब हो रही है। कई किसानों की फसल में व्यापक नुकसान की स्थिति है। ऐसे में राजस्व एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम से प्रभावित खेतों का किसानवार सर्वे कराया जाए और नुकसान के आधार पर नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराई जाए।
लागत बढ़ी, अब कीट प्रकोप ने बढ़ाई परेशानी
ज्ञापन के बाद जिला पंचायत सदस्य दलसिंह पन्द्रे ने मीडिया से चर्चा में कहा कि किसानों की खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। खाद और बीज के दाम बढ़े हैं, वहीं फसल में बीमारी और कीट लगने के बाद कीटनाशकों पर भी अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। इसके बावजूद किसानों की फसल माहू और अन्य कीटों के कारण नष्ट होने की स्थिति में पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों के खेतों का तत्काल सर्वे कराया जाना चाहिए, ताकि वास्तविक नुकसान सामने आ सके और किसानों को राहत मिल सके। उन्होंने फसल बीमा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों को फसल बीमा का लाभ तभी प्रभावी रूप से मिलेगा, जब फसल को प्रभावित करने वाले कीट एवं रोगों से होने वाले नुकसान को भी बीमा कवरेज में शामिल किया जाए।
उन्होंने शासन से मांग की कि किसानों की स्थिति को देखते हुए बीमा कंपनियों एवं संबंधित विभाग के माध्यम से इस विषय पर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि कीट एवं बीमारी से फसल खराब होने पर किसानों को राहत मिल सके।
ज्ञापन में जिला पंचायत सदस्य तामेश्वर पटेल सहित सुरेंद्र घेराम, ढालेन्द्र राणा, सुल्तान अहमद सिद्दीकी, बोहरनलाल पटले, डालचंद चौधरी, गुलाब बोपचे, मनका यादव, गंगाप्रसाद यादव, राजकुमार गौतम, रमेश पटले, रमेश बिसेन, हेमराज गौतम, खाराम बिसेन, शिवकुमार ठाकरे, टेमीचंद गौतम सहित बड़ी संख्या में किसानों के हस्ताक्षर हैं।


