जबलपुर। मध्यप्रदेश में नई न्यायालयीन इमारतों के निर्माण को लेकर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने विभिन्न न्यायिक परियोजनाओं के लिए 644.85 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी दिए जाने की जानकारी अदालत में पेश की। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल बजट स्वीकृति पर्याप्त नहीं है, बल्कि अब परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजन बेंच ने सरकार को स्वीकृत न्यायिक परियोजनाओं पर काम प्रारंभ करने के निर्देश दिए। सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशान्त सिंह ने बताया कि 7 सितंबर को 600 करोड़ रुपये विभिन्न न्यायिक परियोजनाओं के लिए तथा 44.85 करोड़ रुपये अनूपपुर जिला न्यायालय की नई इमारत के लिए स्वीकृत किए गए हैं।
मामला अनूपपुर के अधिवक्ता बासुदेव चटर्जी की जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में बताया गया कि अनूपपुर जिला न्यायालय वर्ष 2009 से किराए के भवन में संचालित हो रहा है, जबकि नई इमारत का प्रस्ताव 3 फरवरी 2021 से लंबित था।
इस मामले में हाईकोर्ट ने 28 जुलाई को वित्त सचिव और विधि सचिव को तलब किया था। 12 अगस्त की सुनवाई में भी अदालत ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई थी।
सुनवाई के दौरान अदालत मित्र अंशुमान सिंह को प्रदेश के अन्य जिलों में नई कोर्ट बिल्डिंग और न्यायिक परियोजनाओं की आवश्यकता का पता लगाकर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए। मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।


