भव्य नवरात्रि मां दुर्गा पंडाल प्रतियोगिता के पंजीयन की अंतिम तिथि १३ अक्टूबर
बालाघाट. जिले के मॉयल नगरी भरवेली समीप स्थित ग्राम पंचायत हीरापुर स्थित श्री सिद्धपीठ विष्णुधाम मंदिर ट्रस्ट द्वारा हनुमान जी महाराज की विश्व की सबसे ऊंची २०५ फीट प्रतिमा स्थापना व भव्य मंदिर निर्माण के महासंकल्प हेतु आगामी दिनों में धार्मिक एवं सामाजिक चेतना से जुड़े विभिन्न भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में २५ अक्टूबर से २९ अक्टूबर तक श्री हनुमंत कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में श्री सिद्धपीठ विष्णुधाम मंदिर के अध्यक्ष किरण भाई त्रिवेदी ने ७ अक्टूबर बुधवार को स्थानीय सर्किट हाऊस पत्रकारों से चर्चा में बताया कि हनुमान कथा का वाचन हर दिन दोपहर ३ बजे से ७ बजे तक श्री बागेश्वर धाम सरकार पं. धीरेन्द्र शास्त्री के कृपा पात्र आचार्य रोहित रिछारिया जी द्वारा किया जाएगा। श्री हनुमंत कथा का शुभारंभ अवसर पर २५ अक्टूबर को सुबह १० बजे से भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। श्री त्रिवेदी ने बताया कि आयोजन समिति द्वारा भव्य नवरात्रि मां दुर्गा पंडाल प्रतियोगिता भी आयोजित की गई है। इसमें प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। प्रतियोगिता मेें सहभागिता के लिए १०१ रूपए शुल्क के साथ १३ अक्टूबर तक पंजीयन कर सकते है।
इस दौरान किरण भाई त्रिवेदी ने कहा कि इन आयोजनों का उद्देश्य सनातन संस्कृति के संरक्षण, धार्मिक चेतना के विस्तार, भक्ति एवं सेवा की भावना को जन-जन तक पहुंचाने व जिले की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त बनाने का है। उन्होंने कार्यक्रम के बारे में बताया कि २५ अक्टूबर को सुबह १० बजे से भव्य कलश यात्रा, तत्पश्चात धार्मिक संगोष्ठी, दोपहर १ बजे से मां दुर्गा पंडाल प्रतियोगिता के विजेता दुर्गा समितियों को पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह एवं शाम ७ बजे सुंदरकाण्ड, रात में शरद पूर्णिमा पर विशेष अमृत खीर प्रसाद वितरण किया जाएगा। २६ से २९ अक्टूबर तक हर दिन दोपहर ३ से शाम ७ बजे तक श्री हनुमंत कथा का वाचन एवं कथा के बाद हर दिन महाप्रसाद वितरण व श्री हनुमान अंश मूवी का प्रसारण किया जाएगा।
प्रतियोगिता अलग-अलग श्रेणियों में
श्री सिद्धपीठ विष्णुधाम मंदिर ट्रस्ट द्वारा नवरात्रि के पावन अवसर पर बालाघाट जिले के समस्त दुर्गा पंडालों के लिए भव्य दुर्गा पंडाल प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य जिले भर में विराजित जगत जननी मां दुर्गा के भव्य पंडालों, धार्मिक वातावरण, रचनात्मकता एवं श्रद्धा-भक्ति की सुंदरता को प्रोत्साहित करना है। प्रतियोगिता में नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग श्रेणियां रखी गई है। इसमें मां दुर्गा की प्रतिमा की भव्यता, स्वरूप, कलात्मकता एवं धार्मिक भाव के आधार पर मूल्यांकन। पंडाल की साज-सज्जा, रचनात्मकता, विषय-वस्तु एवं सुंदरता, अनुशासन एवं धार्मिक वातावरण, स्वच्छता, अनुशासन, व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए सकारात्मक एवं भक्तिमय धार्मिक वातावरण के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र की अलग-अलग श्रेणियों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
इस दौरान आयोजन समिति के पदाधिकारी अनिल बिसेन, नरेन्द्र जी महाराज, अमरसिंह धानेश्वर मंदिर के पुजारी, डब्बूलाल नागेश्वर, आशीष साहू, संतोष अर्जुनवार सहित अन्य मौजूद रहे।
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