नई दिल्ली ,सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत निंदनीय और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में हम सभी अलग-अलग सार्वजनिक मंचों से अपनी बात रखते हैं। लोकतंत्र में पक्ष-विपक्ष, संविधान और राष्ट्रपति की अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका है, लेकिन इस पूरी व्यवस्था में प्रधानमंत्री की भूमिका सबसे महत्त्वपूर्ण है।
रूडी ने कहा कि मल्लिकार्जुन खरगे एक अनुभवी नेता हैं और उनसे सार्वजनिक जीवन में अधिक जिम्मेदार एवं मर्यादित भाषा की अपेक्षा की जाती है। लेकिन उनके द्वारा जिस प्रकार के शब्दों का इस्तेमाल किया गया, उसे मैं स्वयं दोहराना नहीं चाहता। उनके बयान को पूरे भारत ने देखा है और दुनिया ने भी देखा है। उन्होंने कहा कि खरगे के इस बयान के पीछे उम्र का तकाजा है, उनकी मानसिकता है, समय का प्रभाव है या कहीं न कहीं भीतर का द्वेष, यह गंभीर विचार का विषय है। कांग्रेस की वर्तमान स्थिति के कारण उसके नेतृत्व की भाषा और आचरण में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं। यदि कांग्रेस का नेतृत्व इसी प्रकार की सोच और भाषा के साथ आगे बढ़ता रहा, तो आने वाले समय में पार्टी के अस्तित्व और राजनीतिक प्रासंगिकता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े होंगे। सांसद रूडी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का बयान किसी भी रूप में देशवासियों और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक विरोध और वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी भी परिस्थिति में भाषा की मर्यादा और संवैधानिक पदों की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता। कांग्रेस नेतृत्व को आत्ममंथन करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सार्वजनिक जीवन में इस प्रकार की टिप्पणियों की पुनरावृत्ति न हो।


