जबलपुर। मध्य प्रदेश विद्युत कर्मचारी संघ फेडरेशन के महामंत्री राकेश डी पी पाठक, यू के पाठक, लक्ष्मण सिंह राजपूत, खूबचंद शर्मा, एन के यादव, उमाशंकर मेहता, दिनेश दुबे, सुरेश बाबू खरे, बी एस राठौर, रामेश्वर गांगे, जी एस खंडेलवाल, ओ पी पांडे, आर के कौशिक, जी एल चौरसिया, किशोर चौहान, मदन वर्मा, अनूप वर्मा, गोपाल चौहान, विमल महापात्र, अविनाश तिवारी, राजेश मिश्रा, दीपक मेमने, सुधीर मिश्रा, मोहित पटेल, योगेश पटेल, अक्षय श्रीवास्तव, मनोज पाठक, दयाशंकर द्विवेदी और दिलीप पाठक ने शासन तथा प्रबंधनों से आउटसोर्स कर्मियों को दीपोत्सव पूर्व पारिश्रमिक देने तथा सेवानिवृत्त अमले के साथ एरियर कटौती का अंतर समाप्त करने का संयुक्त आग्रह ऊर्जा मंत्री, प्रमुख सचिव, सचिव, सीएमडी एवं समस्त एमडी से किया।
एरियर नुकसान खत्म कर सेवानिवृत्त कर्मियों को राहत दें
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा नियमित अमले को जनवरी माह से महंगाई भत्ता स्वीकृत करने के कदम का स्वागत करते हुए फेडरेशन ने सेवानिवृत्त अमले की विसंगति का मसला उठाया। सेवा से मुक्त हो चुके कर्मियों को जुलाई 26 से महंगाई राहत देने के आदेश से उनको सीधे 06 माह के एरियर का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। कर्मचारी नेताओं ने इस अंतर को गैर-बराबरी करार देते हुए प्रदेश के मुखिया से इस पक्षपात को तुरंत दूर करने का निवेदन किया।
हादसे में हताहत कर्मियों को मिले तत्काल आर्थिक संबल
संगठन ने मानव संसाधन व प्रशासन विभाग से यह निर्देश जारी करने की बात कही कि दफ्तरों तथा मैदान में मुस्तैद ठेका कामगारों की राशि हाजिरी के बहाने न अटकाई जाए। आउटसोर्स कर्मियों का मानदेय केंद्र सरकार के तय मानकों पर सीधे विद्युत वितरण कंपनियों के स्तर से जारी हो। प्रत्येक 5 वर्ष में इनके पारिश्रमिक का नया ढांचा तय होना आवश्यक है। ड्यूटी के दौरान करंट या अन्य हादसे का शिकार होने पर किसी भी अस्पताल में निःशुल्क उपचार, शरीर का कोई हिस्सा कटने पर 20 लाख रुपए, आकस्मिक मृत्यु होने पर 50 लाख रुपए की तात्कालिक सहायता तथा आश्रित परिजन को अनुकंपा नौकरी का प्रावधान अनिवार्य किया जाए।


