मूल्यनिष्ठ मीडिया समय की मांग, सत्य, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी पत्रकारिता का आधार : ब्रह्माकुमारी विमला दीदी
जबलपुर। वर्तमान दौर में पत्रकारिता की भूमिका केवल समाचारों के प्रसारण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को सही दिशा देने, सकारात्मक बदलाव लाने और जनसरोकारों को मजबूती से उठाने की जिम्मेदारी भी मीडिया की है। लोकमंगल की भावना से युक्त पत्रकारिता आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यह बात कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर के पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) मानसिंह परमार ने कही। वे प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के शिव उपहार भवन, प्रेमनगर में आयोजित मूल्यनिष्ठ मीडिया : समय की आवश्यकता विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मीडिया एवं पब्लिक रिलेशन प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस संगोष्ठी में जबलपुर के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के प्रतिनिधियों ने समाज पर मीडिया के सकारात्मक प्रभाव और पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों पर विचार साझा किए।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी विमला दीदी ने कहा कि समाज में मीडिया की उपयोगिता निर्विवाद है। मीडिया देश की वाणी और मस्तिष्क है, इसलिए इसका शुद्ध और सत्यनिष्ठ होना आवश्यक है। मीडिया समाज की कुरीतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
माउंट आबू से पहुंचे ब्रह्माकुमारीज मीडिया विंग के नेशनल कोऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमार डॉ. शांतनु भाई ने संगोष्ठी का उद्देश्य बताते हुए कहा कि सूचना प्रसारण की गति तेजी से बढ़ी है, लेकिन इसके साथ सत्य, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी को भी समान महत्व देना जरूरी है।
अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. परमार ने कहा कि विश्व आज युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं और आंतरिक संघर्षों जैसी अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है। भारतीय संस्कारों में समग्रता और एकता की भावना होने के कारण देश ने कई आशंकाओं को निर्मूल साबित किया है।
वरिष्ठ पत्रकार उज्ज्वल शुक्ला ने कहा कि मूल्यनिष्ठता केवल मीडिया ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक क्षेत्र के लिए जरूरी है। शुभम बघेल ने कहा कि सेवाभाव और सामाजिक सरोकार पत्रकारिता के दो मूल मंत्र हैं, जिनसे मीडिया की विश्वसनीयता बढ़ती है। पवन पांडे ने राजयोग के अभ्यास को पत्रकारों के विचारों में स्थिरता और मनोबल बढ़ाने वाला बताया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ पत्रकार प्रेमशंकर तिवारी, प्रो. (डॉ.) मानसिंह परमार, ब्रह्माकुमार डॉ. शांतनु भाई, शुभम बघेल, पवन पांडे, ब्रह्माकुमारी विमला दीदी, आकाशवाणी जबलपुर के श्याम टहलानी एवं स्वतंत्र मत के संपादक राजेन्द्र मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर महर्षि नारद के संवादों पर आधारित नृत्य-संगीत से सजी नाट्य प्रस्तुति ने उपस्थितजनों का मन मोह लिया। कुमारी अविका ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमार विजय भाई ने किया। संगोष्ठी में पत्रकारों के साथ पत्रकारिता के विद्यार्थी, प्राध्यापक और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर भी शामिल हुए।


