जबलपुर। धान की कटाई के साथ पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने निर्देश दिए हैं कि जिले में संचालित सभी हार्वेस्टर में स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) लगाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी और राजस्व अधिकारी संयुक्त रूप से हार्वेस्टरों की जांच एवं निगरानी करेंगे।
कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पराली प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित हुई। इसमें अपर कलेक्टर नीता राठौर, शैलेंद्र सिंह, रविशंकर राय, उप संचालक कृषि उमेश कटहरे, इंदिरा त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारी और हार्वेस्टर संचालक मौजूद रहे।
कलेक्टर ने बताया कि जबलपुर प्रदेश के उन पांच जिलों में शामिल है, जहां पराली जलाने की घटनाएं सर्वाधिक होती हैं। पिछले वर्ष पूरे संभाग में ऐसी तीन हजार से अधिक घटनाएं दर्ज हुई थीं। उन्होंने बिना एसएमएस वाले हार्वेस्टरों की जानकारी तत्काल अधिकारियों को देने और प्रतिबंधात्मक आदेशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने खेतों से पराली एकत्रित करने के लिए बेलर्स का अधिकतम उपयोग करने तथा हैप्पी सीडर, सुपर सीडर और रीपर कम्बाइंडर जैसे कृषि उपकरणों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। सभी एसडीएम को इस सप्ताह किसान संगठनों और आरएमएस सदस्यों के साथ बैठक कर कृषक संगोष्ठियां आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन और किसानों के सामूहिक प्रयासों से पराली जलाने की घटनाओं में प्रभावी कमी लाई जा सकती है।


