तिरुवनंतपुरम, 11 नवंबर (आईएएनएस)| विपक्षी कांग्रेस नीत यूडीएफ के विधायक पेट्रोलियम उत्पादों पर कर कम नहीं करने पर पिनाराई विजयन सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए गुरुवार को साइकिल पर विधानसभा पहुंचे।
केंद्र द्वारा की गई कटौती के बाद, पेट्रोल की कीमत प्रति लीटर 12.27 रुपये कम हो गई, जबकि डीजल की कीमत 6.30 रुपये और राज्य में एक लीटर पेट्रोल की औसत कीमत 103.80 रुपये और डीजल की कीमत 91.59 रुपये हो गई, जबकि पड़ोसी राज्यों तमिलनाडु और कर्नाटक की संबंधित सरकारों ने टैक्स में राज्य के हिस्से को कम करने का निर्णय लेकर इसकी दरें कम करने का फैसला किया है।
केंद्र का ‘दिवाली तोहफा’ 4 नवंबर को आया, लेकिन केरल के वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ने करों में और कटौती से इनकार किया। उन्होंने कहा कि केंद्र ने ही करों को बढ़ाया, जबकि राज्य सरकार ने उन्हें कभी नहीं बढ़ाया और इसलिए केरल कर को कम करने के लिए बाध्य नहीं है।
गुरुवार की सुबह कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगियों के एक दर्जन से अधिक विधायकों ने प्रेस फोटोग्राफरों की एक बैटरी के साथ सड़कों पर साइकिल चलाई।
विपक्ष के नेता वीडी सतीसन ने साइकिल चालकों का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा, “ईंधन की कीमतों को लेकर केंद्र और राज्य दोनों ही लोगों को निशाने पर लेते रहे हैं। हम लंबे समय से राज्य सरकार से लोगों के बचाव में आने की मांग कर रहे हैं। ईंधन की बढ़ती दरों के कारण अन्य कीमतें बढ़ रही हैं और राज्य सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। हम राज्य सरकार के खिलाफ उनके कठोर रवैये के लिए अपना विरोध जारी रखेंगे ।”
सदन के पटल पर भी विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाया।


