नई दिल्ली ,26 जुलाई (आरएनएस)। देश में मंकीपॉक्स की रफ्तार बेशक धीमी है, लेकिन सरकार कोरोना के बाद बेहद सतर्क हो गई है। दिल्ली में मंकीपॉक्स की खबर आने के बाद और देश में कुल 4 मामले सामने आने से सरकारी तंत्र भी हरकत में आ गया है। जिसके बाद ही मंकी पॉक्स को लेकर गाइडलाइन भी जारी की गई है। इसमें मंकीपॉक्स को लेकर सावधानी बरती जाने की बात भी कही गई है। इस को लेकर कहा गया है कि कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की जाए, 21 दिन का आइसोलेशन रखा जाए साथ ही मंकीपॉक्स के इलाज के लिए लोगों को ट्रेनिंग देने की जरूरत है। अमेरिका और यूरोप में इसे लेकर कुछ वैक्सीन और दवाओं की सिफारिश की गई है।
इसी बीच डायग्नोस्टिक कंपनी जेनेक्सटूमी ने घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने मंकीपॉक्स वायरस के लिए एक रीयल-टाइम पीसीआर-आधारित किट विकसित की है। कंपनी ने दावा किया कि उसकी पीओएक्स-क्यू मल्टीप्लेक्स वाली आरटी-पीसीआर किट हाई फ्रीक्वेंसी रेट के साथ 50 मिनट से भी कम समय में परिणाम देती है। जेनेक्सटूमी के सीईओ और संस्थापक नीरज गुप्ता ने एक बयान में कहा, ‘यह अभूतपूर्व समय स्वास्थ्य सुरक्षा तैयारियों और तत्परता में नैदानिक परखों के महत्व को रेखांकित करता है। समय के मूल्य को समझते हुए, हमने मंकीपॉक्स के लिए यह आरटी पीसीआर लॉन्च किया है, जो उच्चतम सटीकता के साथ 50 मिनट से भी कम समय में परिणाम देगा।


