नई दिल्ली/गुवाहाटी, 27 अप्रैल | असम सरकार राज्य में बड़े प्रशासनिक फेरबदल पर विचार कर रही है जिसके तहत हर जिले को प्रशासनिक और आर्थिक इकाई में बदला जाएगा। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। राज्य में हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के अगले महीने दो साल पूरे होने के साथ ही बड़े पैमाने पर बदलाव शुरू हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कायाकल्प के मुद्दे पर चर्चा के लिए जिला आयुक्तों के साथ तीन दिवसीय बैठक बुलाई है। यह तिनसुकिया जिले में 12 से 14 मई के बीच होने वाली है।
सरमा ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में तैयारी बैठक की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपायुक्तों का कार्यालय प्रशासन का आधार बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा, काम करने के पारंपरिक और पुराने तौर-तरीकों के विपरीत, उपायुक्त अब संबंधित जिलों के जीडीपी में सुधार, जीएसटी सृजन, प्रति व्यक्ति आय बढ़ाने, बिजली के उपभोग, औद्योगिक गतिविधि, कृषि विविधीकरण, औद्योगिक लैंडबैंक आदि के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
सरमा ने आगे कहा कि प्रधान सचिवों को प्रधानमंत्री के निर्देश के अनुसार, जिले को प्रशासन का केंद्र बिंदु बनना है।
यह जिला प्रशासनिक स्तर पर शक्तियों के विकेंद्रीकरण का एक मॉडल होगा।
उन्होंने कहा, अगर किसी राज्य को आगे बढ़ना है, तो जिलों को भी इसके समग्र विकास और विकास में समान रूप से योगदान देना होगा। यही कारण है कि जिले को एक प्रशासनिक और आर्थिक इकाई होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले छह माह में जिलों को प्रशासनिक इकाई में बदलने की रूपरेखा तैयार करने के लिए बजटीय आवंटन किया जाएगा।