जबलपुर। शहर के प्रगति नगर कॉलोनी से सामने आया यह मामला न सिर्फ स्थानीय लोगों को झकझोर गया, बल्कि बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर गया है। जानकारी के अनुसार, कॉलोनी में रहने वाला समीर भूमिया नाम का युवक पिछले डेढ़ महीने से स्कूली बच्चियों का पीछा कर उन्हें परेशान कर रहा था। उसकी हरकतें धीरे-धीरे इस हद तक बढ़ गईं कि बच्चियां स्कूल जाने और आने में भी डर महसूस करने लगीं।
परिजनों ने कई बार आपत्ति जताई और आसपास के लोगों को इस बारे में बताया, लेकिन शुरूआती स्तर पर मामला गंभीरता से नहीं लिया गया। जैसे-जैसे घटनाएं बढ़ती गईं, कॉलोनी में आक्रोश और डर का माहौल गहराने लगा। अभिभावकों ने बच्चियों को अकेले बाहर भेजना तक बंद कर दिया और समूह में ही स्कूल भेजने की व्यवस्था की जाने लगी।
स्थिति बिगड़ती देख स्थानीय रहवासियों ने खुद ही पहल करते हुए निगरानी शुरू की। कॉलोनी के कुछ युवकों और जिम्मेदार नागरिकों ने अलग-अलग समय पर नजर रखना शुरू किया ताकि आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा जा सके। मंगलवार को एकता मार्केट के पास आरोपी फिर से संदिग्ध गतिविधियों में नजर आया, जिसके बाद पहले से सतर्क लोगों ने उसे घेर लिया।
घेराबंदी होते ही आरोपी घबराने लगा, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने उसे भागने नहीं दिया और पकड़ लिया। जैसे ही यह खबर फैली, आसपास बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। लोगों ने आरोपी के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई। कुछ लोगों ने उसकी हरकतों को लेकर कड़ी सजा की मांग भी की। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी को भीड़ के बीच पकड़े हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पूरे शहर में इस घटना की चर्चा होने लगी है।
सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए आरोपी को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उसे गौर चौकी पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ और पीछा करने (स्टॉकिंग) जैसी धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के पिछले रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं। साथ ही, पीड़ित बच्चियों और उनके परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
इस घटना के बाद कॉलोनीवासियों में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाती, तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती। उन्होंने पुलिस से इलाके में नियमित गश्त बढ़ाने और ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में प्रारंभिक स्तर पर ही सख्त कदम उठाना जरूरी होता है, ताकि अपराधी के हौसले न बढ़ें। वहीं, अभिभावकों को भी बच्चों को जागरूक करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी देने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


