इस्लामाबाद, 28 अगस्त | पाकिस्तान ने नई दिल्ली से नौ अगस्त को जोधपुर में किराए के एक फार्महाउस के अंदर मृत पाए गए 11 पाकिस्तानी नागरिकों की मौत के शुरूआती निष्कर्षों को साझा करने का आग्रह किया है।
विदेश मंत्रालय (एमओएफए) के प्रवक्ता जाहिद हफीज चौधरी ने कहा कि, नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग ने भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) के साथ तत्काल संपर्क स्थापित किया है और इस घटना का विवरण मांगा गया है।
इस्लामाबाद स्थित विदेश कार्यालय में साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा, “दिल्ली में हमारे उच्चायोग ने तुरंत भारतीय विदेश मंत्रालय से संपर्क किया और उनसे मृत्यु की परिस्थितियों, प्राथमिकी की प्रति और जांच रिपोर्ट सहित विवरण साझा करने के लिए कहा गया है।”
उन्होंने कहा, “भारतीय पक्ष से परिवार को तत्काल कॉन्सुलर एक्सेस प्रदान करने के लिए भी कहा गया है।”
चौधरी ने कहा कि पोस्टमार्टम के दौरान राजनयिक मिशन के डॉक्टर की उपस्थिति का भी अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा, “चूंकि मरने वाले लोग पाकिस्तानी नागरिक थे, इसलिए यह सुनिश्चित करना है कि इस घटना की उचित जांच हो और जांच की जानकारी हमारे साथ साझा हो।”
घटना के विवरण के अनुसार, पाकिस्तानी परिवार 2015 में एक दीर्घकालिक वीजा पर राजस्थान आया था।
नौ अगस्त को परिवार के 11 सदस्य जोधपुर के एक खेत में मृत पाए गए।
परिवार का एक सदस्य, जो बच गया था, उसने दावा किया कि उसके ससुराल वालों ने एक विवाद के कारण उसके परिवार की हत्या कर दी।
पुलिस ने घटना की जांच शुरू की और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने भी जांच में मदद की।
एक पुलिस अधिकारी राहुल भारत ने कहा, “घटना के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।”
हालांकि, प्रारंभिक जांच में सुझाव दिया गया है कि घटना पारिवारिक विवाद से उत्पन्न हुई हो सकती है।
मृतक परिवार भील समुदाय से संबंध रखता था।
घटना के बाद, 37 वर्षीय केवल राम ही परिवार में एकमात्र जीवित सदस्य बचा है, जिससे स्थानीय पुलिस पूछताछ कर रही है।
मारे गए लोगों में केवल राम के परिजन शामिल हैं, जिनमें भाई, तीन बहनें, बेटी और दो बेटे शामिल हैं। इसके साथ ही 75 वर्षीय बुध राम भी मृत पाए गए, जो परिवार के मुखिया थे।
पाकिस्तान ने भारत में पाकिस्तानी नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करते हुए, इस घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।


