35.5 C
Jabalpur
April 29, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

मप्र के उप-चुनाव में मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार

भोपाल, 19 मई (आईएएनएस)| मध्यप्रदेश में कोरोना के बीच आम आदमी की जिंदगी को पटरी पर लाने की कवायद तेज हो गई है। तमाम एहतियात बरतते हुए सरकारी, गैर सरकारी और औद्योगिक गतिविधियों के फिर गति पकड़ने के आसार बनने लगे हैं। राज्य में कोरोना महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लॉकडाउन चार में सरकार ने खास रणनीति बनाई है। अब राज्य में कोरोना की स्थिति के चलते सिर्फ रेड और ग्रीन जोन ही होगा। ग्रीन जोन में लगभग आम आदमी की जिंदगी पुरानी स्थिति की तरफ लौटने लगेगी, क्योंकि इन इलाकों में सभी गाइड लाइनों को पूरा करते हुए तमाम गतिविधियां शुरू होने लगी है। राज्य में कुल 52 जिले हैं, जिसमें से सिर्फ दो जिले इंदौर व उज्जैन के संपूर्ण रेड जोन में रखे गए है। इसके अलावा भोपाल, बुरहानपुर, जबलपुर, खंडवा व देवास के नगर पालिक निगम क्षेत्र, मंदसौर , धार, कुक्षी व नीमच के नगर पालिका क्षेत्र यह रेड जोन में है। शेष पूरा प्रदेश ग्रीन जोन में है। दोनों ही जोन में स्कूल, कलेज, कोचिंग, प्रशिक्षण संस्थान, होटल, रेस्टोरेंट, हस्पिटेलिटी सेवाएं, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर्स, बार, ऑडिटोरियम प्रतिबंधित बंद है। इसके साथ सामुदायिक कार्यक्रम, सभी प्रकार के सामाजिक, राजनैतिक, खेलकूद, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजन नहीं हो सकेंगे। सभी धार्मिक स्थल, पूजा स्थल तथा धार्मिक सभाएं प्रतिबंधित की गई है। ग्रीन जोन में पाबंदी वाले क्षेत्रों को छोड़कर सभी दुकानें एवं बाजार खुले खुलने लगे है, सब्जी मंडियां मंडियों में भी फिर रौनक लौटने को है, निजी व शासकीय कार्यालय पूरी क्षमता से चलेंगे तथा निजी वाहनों से लोग आवागमन किया जा सकेगा। यह स्थिति पटरी पर लौटती जिंदगी की तरफ संकेत दे रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सेामवार की रात को प्रदेश की जनता के नाम दिए संदेश में कहा, "कोरोना केा रोकने के लिए सभी सतर्क रहने की जरुरत है। इसके चलते सार्वजनिक स्थानों और कार्यस्थल पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा, इन स्थानों पर थूकने पर जुर्माना लगाया जाएगा, फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा, विवाह में अधिकतम 50 लोग शामिल हो सकेंगे, अंतिम संस्कार में अधिकतम 20 लोग जा सकेंगे, सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीना, पान, तम्बाकू, गुटखा खाना प्रतिबंधित होगा।" उन्हेंने कहा, "दुकानों पर ग्राहकों के बीच दो गज की दूरी रखना अनिवार्य होगा तथा एक समय में दुकान पर पांच से अधिक लोग नहीं रह सकेंगे। सभी कार्य स्थलों के प्रवेश द्वार एवं प्रस्थान द्वार पर थर्मल स्क्रीनिंग, हैण्डवाश और सेनेटाईजर की व्यवस्था, पूरे कार्य-स्थल पर नियमित सेनेटाईजेशन तथा लंच ब्रेक आदि में फिजिकल डिस्टेंसिंग अनिवार्य होगी।" राज्य में नई व्यवस्था के चलते मंगलवार को बाजारों में रौनक दिखने लगी है, सुबह सात बजे से रात सात बजे तक दुकानें खुली रहेंगी और लोग शर्तों का पालन करते हुए आवाजाही कर रहे हैं। राज्य के रेड जोन केा छोड़कर ग्रीन जोन में शराब और भांग की दुकानें भी खुलने लगी है। वहीं शराब कारोबारियों ने लायसेंस फीस में कटौती किए जाने की मांग को लेकर गृहमंत्री डा नरोत्तम मिश्रा से मुलाकात की है। गृहमंत्री डॉ. मिश्रा ने रेड और ग्रीन जोन का ब्यौरा देते हुए बताया, "ग्रीन जोन में सब कुछ खुल गया है मगर रेड जोन में प्रतिबंधात्मक है। संबंधित जिलों की स्थिति को देखते हुए ही रेड और ग्रीन जोन तय किए गए है।"

भोपाल, 28 अगस्त | मध्य प्रदेश में आगामी समय में होने वाले विधानसभा के उपचुनावों में मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार बनने लगे हैं क्योंकि बहुजन समाज पार्टी ने भी उम्मीदवारों को मैदान में उतारने का फैसला कर लिया है।

राज्य में अब तक हुए उपचुनाव पर नजर दौड़ाएं तो एक बात साफ हो जाती है कि अब तक उप-चुनाव में मुकाबला सीधा भाजपा और कांग्रेस के बीच रहा है, मगर इस बार बसपा ने अपने उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारने का फैसला करके मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के संकेत दे दिए हैं।

बसपा ने उपचुनाव के लिए आठ उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। यह सभी आठ उम्मीदवार ग्वालियर-चंबल क्षेत्र से हैं। राज्य में जिन 27 विधानसभा क्षेत्रों में उप चुनाव होने वाले हैं उनमें 16 विधानसभा सीटें इसी अंचल से आती हैं और बसपा का वोट बैंक भी है।

बसपा की ओर से यही कहा जा रहा है कि पार्टी सभी 27 सीटों पर उम्मीदवार मैदान में उतारेगी और अभी सिर्फ आठ उम्मीदवारों का ही फैसला हुआ है। बाकी स्थानों के लिए उम्मीदवारों का जल्दी ही फैसला कर लिया जाएगा।

ज्ञात हो कि बसपा ने जौरा विधानसभा क्षेत्र से सोनेराम कुशवाहा, मुरैना से रामप्रकाश राजौरिया, अम्बाह से भानुप्रताप सिंह संखवार, इसी तरह मेहगांव से योगेश मेघ सिंह नरवरिया, गोहद से जसवंत पटवारी, डबरा से संतोष गौड़, पोहरी से कैलाश कुशवाहा और करैरा से राजेंद्र जाटव को उम्म्मीदवार बनाया गया है ।

वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक राकेश अचल का कहना है कि उप-चुनाव में बसपा के उम्मीदवार उतारने से भाजपा केा लाभ होने वाला है, क्योंकि यह बसपा के उम्मीदवार कांग्रेस के वोट काटने से ज्यादा कुछ नहीं करने वाले। वास्तव में इस अंचल में भाजपा की नाक दांव पर है, लिहाजा यह सियासी गुणा-भाग के चलते बसपा के उम्मीदवार मैदान में उतारे जा रहे हैं।

उनका आगे कहना है कि बसपा केाई विचारधारा वाला राजनीतिक दल तो है नहीं यह तो पूरी तरह अवसरवाद पर चलता है। इस समय जब कांग्रेस संकट में है और बसपा प्रमुख मायावती उलझी हुई है, लिहाजा उन्हें भाजपा की मदद करना पड़ रही है। बसपा का इस क्षेत्र में जनाधार है और उसके उम्मीदवार अपरोक्ष रुप से भाजपा की मदद करेंगे, क्योंकि बसपा का वोट भाजपा को मिलने वाला नहीं है, यह वोट कांग्रेस को जा सकता है, इसलिए कांग्रेस को वोट न मिले इस रणनीति के तहत बसपा अपने उम्मीदवार मैदान में उतार रही है।

अन्य ख़बरें

बैंक लोन फ्रॉड: अदालत ने एडीएजी के पूर्व अधिकारी झुनझुनवाला को प्रोडक्शन वारंट पर मुंबई भेजा

Newsdesk

जेल में बंद कन्नड़ सुपरस्टार दर्शन जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जांच में देरी का दिया हवाला

Newsdesk

दिल्ली हाईकोर्ट ने ईडी की याचिका पर अरविंद केजरीवाल को जारी किया नोटिस

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading