23.5 C
Jabalpur
October 27, 2026
सी टाइम्स
व्यापार

शेयर बाजार में थमी गिरावट; 22,300 पर सपाट बंद हुआ निफ्टी

मुंबई, 8 मई । भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में सपाट बंद हुआ। दिन के दौरान सभी बड़े सूचकांकों ने एक सीमित दायरे में कारोबार किया। बीएसई सेंसेक्स 45 अंक या 0.06 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 73,466 अंक और निफ्टी बिना किसी बदलाव के 22,302 अंक पर बंद हुआ।

हालांकि, बैंक निफ्टी में आधा प्रतिशत की गिरावट रही और यह 264 अंक या 0.55 प्रतिशत गिरकर 48,021 अंक पर बंद हुआ। एनएसई पर 1273 शेयर हरे निशान में और 945 शेयर लाल निशान में बंद हुए।

लार्ज कैप शेयरों की अपेक्षा छोटे-मझोले शेयरों में खरीदारी का ट्रेंड देखा गया। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 94 अंक या 0.57 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,461 अंक पर बंद हुआ।

वहीं, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 361 अंक या 0.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ 50,036 अंक पर बंद हुआ।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो ऑटो, पीएसयू, फार्मा, एफएमसीजी, रियल्टी, एनर्जी, इन्फ्रा और मीडिया इंडेक्स में खरीदारी का ट्रेंड देखा गया। हालांकि, निजी बैंकों, आईटी और फिन सर्विस इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स पैक में 15 शेयर हरे निशान में और 15 शेयर लाल निशान में बंद हुए। टाटा मोटर्स, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, एलएंडटी और मारुति सुजुकी टॉप गेनर्स थे। वहीं, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचयूएल, एचडीएफसी बैंक और एचसीएल टेक टॉप लूजर्स थे।

जियोजित फाइनेंसियल सर्विसेज के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि अन्य एशियाई बाजारों की तरह भारतीय बाजारों का प्रदर्शन सुस्त रहा। कम हुए मतदान ने बाजार में सुस्ती को और बढ़ाया है। हालांकि, चौथी तिमाही के नतीजे अनुमान के मुताबिक ही हैं। वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में ग्रामीण मांग के जोर पकड़ने की संभावना के कारण एफएमसीजी और ऑटो शेयरों में तेजी देखी गई है। वैश्विक स्तर पर मंदी देखी गई है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, जकार्ता, बैंकॉक के बाजारों में गिरावट हुई। हालांकि, सोल का बाजार हरे निशान में है।

मंगलवार के सत्र अमेरिकी बाजार सपाट बंद हुए थे। कच्चा तेल करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। ब्रेट क्रूड करीब 82 डॉलर प्रति बैरल और डब्लूटीआई 77 डॉलर प्रति बैरल पर है।

अन्य ख़बरें

माइक्रोसॉफ्ट का स्वैच्छिक निकास कार्यक्रम शुरू, भारत समेत चार देशों के 60 हजार कर्मचारी हो सकते हैं प्रभावित

Newsdesk

बैंक ज्यादा ब्याज देते हैं, तो धीमी पड़ती है डिजिटल डॉलर की रफ्तार

Newsdesk

25,000 रुपए की मासिक एसआईपी या 5 लाख रुपए का लंपसम निवेश, 20 साल में किससे बनेगा ज्यादा फंड?

Newsdesk

Leave a Comment

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading