38.1 C
Jabalpur
June 11, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से झटका, गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार

रांची, 22 मई । जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने ईडी की कार्रवाई और गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि सोरेन की ओर से फाइल की गई पिटीशन में इस फैक्ट को छिपाया गया कि इस मामले में ईडी की स्पेशल कोर्ट संज्ञान ले चुकी है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की वेकेशन बेंच ने याचिका पर विचार करने में अनिच्छा व्यक्त की, जिसके बाद सोरेन के वकील कपिल सिब्बल ने याचिका वापस ले ली। इससे पहले बुधवार को कार्यवाही के दौरान कपिल सिब्बल ने दलीलें रखीं, लेकिन कोर्ट ने इस बात पर असंतोष व्यक्त किया कि उनके सामने तथ्यों को छिपाने की कोशिश की गई और यह अच्छा आचरण नहीं है। बता दें कि इससे पहले मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन की ओर से पक्ष रखते हुए सिब्बल ने कहा था कि जिस जमीन पर कब्जे के आरोप में ईडी ने हेमंत सोरेन के खिलाफ कार्रवाई की है, वह जमीन छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट के तहत “भुईंहरी” नेचर की है और इसे किसी भी स्थिति में किसी व्यक्ति को बेचा या हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। इस जमीन की लीज राजकुमार पाहन के नाम पर है। इस जमीन पर हिलेरियस कच्छप नामक एक व्यक्ति खेती करता था और बिजली का कनेक्शन उसी के नाम पर है। इससे हेमंत सोरेन का कोई संबंध नहीं है। सिब्बल ने कहा था कि हेमंत सोरेन पर वर्ष 2009-10 में इस जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया गया, लेकिन इसे लेकर कहीं कंप्लेन दर्ज नहीं है। अप्रैल 2023 में ईडी ने इस मामले में कार्यवाही शुरू की और सिर्फ कुछ लोगों के मौखिक बयान के आधार पर बता दिया कि यह जमीन हेमंत सोरेन की है। ईडी के पास इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि हेमंत सोरेन ने इसपर कब, कहां और किस तरह कब्जा किया। ईडी की ओर से असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि बरियातू की 8.86 एकड़ जमीन पर हेमंत सोरेन का अवैध कब्जा है। इस जमीन के कागजात में भले हेमंत सोरेन का नाम दर्ज नहीं है, लेकिन जमीन पर अवैध कब्जा पीएमएलए के तहत अपराध है। उन्होंने कहा कि सक्षम न्यायालय द्वारा मामले में संज्ञान लिया जा चुका है। जमानत याचिका को रद्द करते हुए सक्षम अदालत ने यह कहा है कि प्रथम दृष्टया आरोप सही प्रतीत होते हैं। इसके बाद कपिल सिब्बल ने कहा था कि वह जमानत नहीं मांग रहे हैं, वह तो ईडी द्वारा हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी को चुनौती दे रहे हैं।

अन्य ख़बरें

सेन्ट्रल जीएसटी टीम की बड़ी कार्रवाई: कारोबारी जयदीप सिंह चंदेल गिरफ्तार, 17 करोड़ से ज्यादा के फर्जी आईटीसी का आरोप

Newsdesk

पीएम मोदी ने मेलोनी को कहा ‘थैंक यू’, भारत-इटली रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने का जताया भरोसा

Newsdesk

निर्माणी खमरिया द्वारा जबलपुर पुलिस को प्रदान किये गये 2 महेन्द्रा बुलेरो एवं 8 हॉण्डा एक्टिवा वाहन

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading