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April 24, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीयव्यापार

अदाणी समूह के खिलाफ टूलकिट का खुलासा

Toolkit against certain business activities of Adani Group exposed

 नई दिल्ली, 23 मई । अदाणी समूह और उसकी कुछ व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ काम कर रहे एक टूलकिट का खुलासा हुआ है। इसमें कम्युनिस्ट, पाकिस्तानी, इस्लामी कट्टरपंथी, अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस और पश्चिमी देश शामिल हैं। द फाइनेंशियल टाइम्स (एफटी) और अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस समर्थित ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (ओसीसीआरपी) सहित विदेशी मीडिया के एक वर्ग ने अदाणी समूह द्वारा कम कीमत पर खराब गुणवत्ता का कोयला आयात कर अधिक कीमत पर बेचने की बात कही थी। इसके बाद विशेषज्ञों ने समूह के खिलाफ काम करने वाले टूलकिट का खुलासा किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, पत्रकार आनंद मंगनाले द्वारा लिखे लेख में समूूह पर उपरोक्त आरोप लगाया गया। ओसीसीआरपी और आनंद मंगनाले ने अदाणी समूह के बारे में गलत तथ्यों के साथ एक लेख पोस्ट किया। बाद में कई लोगों ने इसे अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया। विशेषज्ञों के मुताबिक, ‘यूके का फाइनेंशियल टाइम्स भी इस टूलकिट का हिस्सा है और पब्लिकेशन की ओर से अदाणी समूह के खिलाफ एक प्रोपेगेंडा आर्टिकल भी पोस्ट किया गया था।’ विशेषज्ञों का कहना है कि “फाइनेंशियल टाइम्स के संपादक जार्ज सोरोस और फोर्ड फाउंडेशन की वित्तीय मदद से संचालित कंपनी के बोर्ड में बैठते हैं।” विदेशी मीडिया संगठनों – द फाइनेंशियल टाइम्स और ओसीसीआरपी द्वारा अदाणी समूह पर बार-बार लगाए जाने वाले आरोपों की विश्वसनीयता खत्म हो चुकी है। इसीलिए अब बाजार ने भी इसे गंभीरता से लेना बंद कर दिया है। अमेरिका स्थित वैश्विक ब्रोकरेज कैंटर फिट्जगेराल्ड के अनुसार, फाइनेंशियल टाइम्स का लेख हो हल्ला के शिवा कुछ नहीं है। फाइनेंशियल टाइम्स ने 22 मई को सुबह 4:34 बजे अदाणी समूह के खिलाफ एक दुष्प्रचार लेख प्रकाशित किया। अदाणी समूह के खिलाफ टूलकिट उसी दिन सुबह लगभग 7.49 बजे से सोशल मीडिया पर फैलना शुरू हुआ। एक प्रमुख पत्रकार ने इसे पोस्ट किया। उसी दिन रात 9.42 बजे एक अन्य शख्स ने भी यह लेख सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। लेकिन भारतीय बाजार इस रिपोर्ट को नजरअंदाज करते नजर आया। गुरुवार को निफ्टी में 7.84 फीसद की बढ़त के साथ अदाणी एंटरप्राइजेज में जबरदस्त तेजी रही। अदाणी पोर्ट्स भी 4.73 फीसद की बढ़त के साथ शीर्ष तीन लाभ पाने वाली कंपनियों मे से एक रहा। कैंटर फिट्जगेराल्ड ने अपने नोट में कहा, “हम मानते हैं कि बाजार यह अनुमान लगा रहा है कि अदाणी समूह के बारे में लिखा गया लेख एक सारहीन कहानी है। इसमें सच्चाई का कोई अंश नहीं है।” निवेशकों को अदाणी ग्रुप के शेयरों में विश्वास है। पिछले एक साल में समूह का बाजार पूंजीकरण 57 प्रतिशत बढ़कर अब 200 अरब डॉलर हो गया है। अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त तेजी रही। सूचकांक में तेज उछाल आया। अदाणी एंटरप्राइजेज ने 8 फीसद की रिकॉर्ड छलांग लगाई। अदाणी समूह की 10 सूचीबद्ध कंपनियों का अब संयुक्त बाजार मूल्यांकन 17.23 लाख करोड़ रुपये है।

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