September 16, 2026
सी टाइम्स
टेक्नोलॉजीराष्ट्रीयव्यापार

रियल टाइम डेटा एनालिसिस के लिए आरबीआई कर रहा एआई का इस्तेमाल : शक्तिकांत दास

मुंबई, 28 जून । भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से हाई फ्रीक्वेंसी और रियल टाइम डेटा की मॉनिटरिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) का उपयोग किया जा रहा है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। आरबीआई की 18वें सांख्यिकी दिवस कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन पर लोगों को संबोधित करते हुए दास ने कहा कि एआई और एमएल के जरिए क्षमताओं को बढ़ाने और इस पर फोकस किया जा रहा है। अनस्ट्रक्चर्ड डेटा को एनालिसिस करने पर जोर है। हालांकि, ऐसा करते समय नैतिकताओं का ध्यान रखना चाहिए और एल्गोरिदम में पूर्वाग्रह को दूर करना चाहिए। एनुअल इवेंट के दौरान उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में आधिकारिक सांख्यिकी के लिए 2025 काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। व्यापक आर्थिक आंकड़ों के संकलन के लिए (विशेष रूप से राष्ट्रीय खातों और भुगतान संतुलन के लिए) नए वैश्विक मानकों के रूप में वैश्विक प्रयास एक नए आयाम पर जाने की उम्मीद की जा रही है। प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस के जन्मदिवस के अवसर पर सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है। भारत में आधुनिक आधिकारिक सांख्यिकी स्थापित करने में उनकी अहम भूमिका है। आरबीआई गवर्नर ने आगे कहा कि रिजर्व बैंक का कटिंग एज इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट जनता के लिए नीतियां बनाने और देश के आर्थिक विकास में बड़ी भूमिका निभा रहा है। आज से एक साल पहले हमने अगली पीढ़ी की केंद्रीकृत सूचना प्रबंधन प्रणाली (सीआईएमएस) लॉन्च किया था। इसमें कई नए फीचर्स शामिल किए गए थे। कमर्शियल बैंक, शहरी को -ऑपरेटिव बैंक और गैर-वित्त कंपनियां इस नए पोर्टल को अपना चुके हैं। दास ने कहा कि नए सीआईएमएस में भारतीय अर्थव्यवस्था पर रिसर्च करने की सुविधा है। इसके साथ ही यह रिपोर्टिंग के बोझ को कम करता है। इसके अलावा बेहतर टेक्नोलॉजी के कारण डेटा उपलब्ध करने वालों और यूजर्स दोनों का अनुभव अच्छा है।

अन्य ख़बरें

दिशा सालियान केस में पेनड्राइव और डिजिटल सबूत से खुलेगा राज: वकील नीलेश ओझा

Newsdesk

बांग्लादेश ट्रिब्यूनल ने अवामी लीग के सात और नेताओं को मौत की सजा सुनाई

Newsdesk

भविष्य की जंग तकनीक से जीती जाएगी, नवाचार जरूरी: राजनाथ सिंह

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading