July 26, 2026
सी टाइम्स
जीवनशैलीप्रादेशिकराष्ट्रीय

Amarnath Yatra – अमरनाथ यात्रा पर आने वाले भक्तों में उत्साह बरकरार, 16 दिन में 3 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए

जम्मू, 15 जुलाई । अमरनाथ यात्रा पर आने वाले भक्तों में उत्साह बरकरार है। बीते 16 दिनों में तीन लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं। वहीं 4,875 यात्रियों का एक और जत्था सोमवार को घाटी के लिए रवाना हुआ। दोनों यात्रा मार्गों पर रुक-रुक कर हो रही बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने के बावजूद रविवार को 15 हजार से ज्यादा उत्साही तीर्थयात्रियों ने पवित्र गुफा के अंदर दर्शन किए। अधिकारियों ने बताया कि 4,875 यात्रियों का एक और जत्था सोमवार को दो सुरक्षा काफिलों में जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से घाटी के लिए रवाना हुआ। पहला सुरक्षा काफिला सुबह 3:05 बजे 68 वाहनों में 1,918 यात्रियों को लेकर उत्तरी कश्मीर के बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। जबकि दूसरा सुरक्षा काफिला सुबह 3:50 बजे 94 वाहनों में 2,957 यात्रियों को लेकर दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। दोनों सुरक्षा काफिले दोपहर तक घाटी में पहुंच जाते हैं। यह पवित्र गुफा कश्मीर हिमालय में समुद्र तल से 3,888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। भक्त या तो पारंपरिक दक्षिण कश्मीर पहलगाम मार्ग से या फिर उत्तर कश्मीर बालटाल मार्ग से गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं। श्रद्धालु या तो 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम गुफा मंदिर मार्ग से यात्रा करते हैं या फिर 14 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग से यात्रा करते हैं। पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार से पांच दिन लगते हैं, जबकि बालटाल मार्ग का उपयोग करने वाले लोग गुफा मंदिर के अंदर ‘दर्शन’ करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौट आते हैं। इस वर्ष की यात्रा 52 दिनों के बाद 29 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन त्योहार के साथ संपन्न होगी।

अन्य ख़बरें

‘मुझे आप पर गर्व है’, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर थरूर ने जेन-जी को दिया खास संदेश

Newsdesk

कोलकाता पुलिस की कार्रवाई, अशांति फैलाने वाले 11 लोगों को किया गिरफ्तार

Newsdesk

ओडिशा और गुजरात में आईएमडी का रेड अलर्ट, अगले 2-3 घंटे में भारी बारिश का अनुमान

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading