3E फॉर्मूले से यातायात सुधार के निर्देश, एक्सपर्ट कमेटी गठित करने को कहा
जबलपुर। शहर की चरमराई यातायात व्यवस्था, खराब ट्रैफिक सिग्नल, अतिक्रमण और लगातार लग रहे जाम को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की डिवीजन बेंच ने जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि प्रशासन और नगर निगम के प्रयास शुरुआती हैं, लेकिन यातायात व्यवस्था में अपेक्षित जमीनी सुधार अभी दिखाई नहीं दे रहा है। कोर्ट ने सरकार को विशेषज्ञ कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।
यह जनहित याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपाण्डे और समाजसेवी रजत भार्गव ने दायर की है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने शहर में जाम और अतिक्रमण की समस्या की जानकारी दी। शासन की ओर से उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने बताया कि 19 अगस्त 2026 को ट्रैफिक मैनेजमेंट सेल गठित किया गया है और नगर निगम को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
हाईकोर्ट ने यातायात सुधार के लिए 3E फॉर्मूले—Traffic Engineering, Traffic Education और Traffic Enforcement पर प्रभावी अमल पर जोर दिया। इसके तहत सड़कों, जंक्शनों और सिग्नलों की तकनीकी व्यवस्था सुधारने, लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने और नियम तोड़ने वालों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल ट्रैफिक मैनेजमेंट सेल बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जाम, पार्किंग, अतिक्रमण और खराब सिग्नलों का जमीनी समाधान जरूरी है। मामले की अगली सुनवाई सितंबर के अंतिम सप्ताह में होगी।


