April 30, 2026
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आरजी कर मामला : पीड़िता के माता-पिता ने बनाया सोशल मीडिया अकाउंट, न्याय के लिए मांगा समर्थन

कोलकाता, 06 दिसंबर। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज में अगस्त में बलात्कार और हत्या की शिकार महिला जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर के माता-पिता ने अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए एक फेसबुक अकाउंट बनाया है। इस फेसबुक अकाउंट का शीर्षक ‘ट्रूथ एंड जस्टिस: वॉइस फॉर आरजी कर विक्टिम’ रखा गया है। पीड़िता के माता-पिता ने फेसबुक पेज पर एक लिखित और एक वीडियो मैसेज अपलोड किया है जिसमें उन्होंने अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए मदद की गुहार लगाई है। लिखित संदेश में कहा गया है, “हमारी बेटी के लिए न्याय। हम मजबूती के डटे हुए हैं, लेकिन हम अकेले इसे हासिल नहीं कर सकते। आपकी आवाज, आपके समर्थन और आपके प्यार से फर्क पड़ेगा। हम अन्याय को उजागर करने और जो सही है उसकी मांग के लिए एकजुट हों। साथ मिलने हम उम्मीद और उत्तरदायित्व की अपेक्षा कर सकते हैं। कृपया हमारे साथ जुड़े रहिए। शेयर करें, अपनी बात रखें और समर्थन दें।” हैशटैग में उन्होंने ‘जस्टिस फॉर ऑवर डॉटर’ और ‘जस्टिस फॉर आरजीकर’ लिखा है।

वीडियो मैसेज में पीड़िता के माता-पिता का चेहरा ब्लर किया हुआ है। उन्होंने कहा कि घटना को लगभग छह महीने हो चुके हैं और अब तक उन्हें यह भी ठीक-ठीक पता नहीं है कि उस रात उनकी बेटी के साथ क्या हुआ था। वीडियो मैसेज में उन्होंने दावा किया है, “पहले कोलकाता पुलिस जांच कर रही थी और हमें लगा कि वह सही दिशा में नहीं जा रही थी। इसलिए हमने कलकत्ता हाई कोर्ट में अर्जी दी कि जांच का जिम्मा किसी बेहतर एजेंसी को सौंपा जाए। इसकी बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को जांच सौंपी गई। उसे भी करीब चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन जांच में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। हम अब भी अपनी बेटी के लिए न्याय का इंतजार कर रहे हैं। हम देश के लोगों से हमारी बेटी के लिए न्याय की मांग से जुड़ने की अपील करते हैं। आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल से 9 अगस्त की सुबह महिला डॉक्टर का शव बरामद हुआ था। कोलकाता पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद संजय रॉय नामक सिविक वॉलंटियर को गिरफ्तार किया। इसके बाद सीबीआई के आरोप पत्र में भी उसे “एकमात्र मुख्य आरोपी” बताया गया है। वहीं, सीबीआई विवादों में घिरे आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और ताला थाने के पूर्व एसएचओ अभिजीत मंडल की भी जांच कर रही है। दोनों पर जांच को गुमराह करने और सबूतों से छेड़छाड़ करने का आरोप है। फिलहाल कोलकाता की एक विशेष अदालत में मामले की फास्ट ट्रैक सुनवाई हो रही है।

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