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April 25, 2026
सी टाइम्स
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पुलिस के सामने पेश नहीं हुए कुणाल कामरा, मांगा एक सप्ताह का समय

Kunal Kamra, 25 मार्च। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम लिए बगैर उन पर विवादित टिप्पणी करने वाले स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा मंगलवार को पूछताछ के लिए पुलिस के सामने पेश नहीं हुए। उन्होंने एक सप्ताह का समय मांगा है। कामरा ने फोन पर समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में इसकी वजह भी बताई। कुणाल कामरा को मुंबई के खार थाने ने समन भेजकर मंगलवार को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा था। लेकिन वह हाजिर नहीं हुए। कॉमेडियन ने आईएएनएस को बताया कि वह अभी मुंबई से बाहर हैं, जिस वजह से वह पुलिस के सामने उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि मुंबई आकर पुलिस के सामने पेश होने के लिए उन्हें एक सप्ताह का समय चाहिए।

कुणाल कामरा ने मुंबई पुलिस को एक पत्र भेजकर एक सप्ताह का समय मांगा है। खार पुलिस ने कामरा को मंगलवार को ही समन भेजा था। वह घर पर नहीं मिले तो उन्हें व्हाट्सएप पर भी समन भेजा गया। उन्हें सुबह 11 बजे जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था। खार पुलिस की एक टीम उनके घर भी गई और उनके माता-पिता को भी समन की एक प्रति दी। इससे पहले कुणाल कामरा ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में हैबिटेट क्लब में हुई तोड़फोड़ की निंदा की और कहा कि अपनी टिप्पणी के लिए वह माफी नहीं मांगेंगे। कॉमेडियन ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था, “हैबिटेट केवल एक मंच है। सभी प्रकार के शो के लिए एक जगह है। हैबिटेट (या कोई अन्य स्थल) मेरी कॉमेडी के लिए जिम्मेदार नहीं है, न ही उसके पास इस बात पर कोई नियंत्रण है कि मैं क्या कहता या करता हूं। न ही कोई राजनीतिक दल ऐसा करता है। ”

किसी कॉमेडियन के शब्दों के लिए किसी आयोजन स्थल पर हमला करना उतना ही मूर्खतापूर्ण है, जितना टमाटर ले जा रही एक ट्रक को इसलिए पलट देना, क्योंकि परोसा गया बटर चिकन आपको पसंद नहीं आया।” उन्हें मिल रही धमकियों को लेकर कामरा ने कहा था, “भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हमारे अधिकार का उपयोग केवल शक्तिशाली और अमीर लोगों की चापलूसी करने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, भले ही आज का मीडिया हमें इसके विपरीत विश्वास दिलाए। एक शक्तिशाली सार्वजनिक व्यक्ति की कीमत पर मजाक को बर्दाश्त न कर पाने की आपकी अक्षमता मेरे अधिकार की प्रकृति को नहीं बदलती।

जहां तक मुझे पता है, हमारे नेताओं और हमारी राजनीतिक व्यवस्था के सर्कस का मजाक उड़ाना कानून के विरुद्ध नहीं है। हालांकि, मैं अपने खिलाफ की गई किसी भी कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस और अदालत के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हूं।” उन्होंने लिखा था, “लेकिन, क्या कानून उन लोगों के खिलाफ निष्पक्ष और समान रूप से लागू होगा, जिन्होंने यह तय किया है कि किसी मजाक से आहत होने पर तोड़फोड़ करना उचित प्रतिक्रिया है? और बीएमसी के उन अनिर्वाचित सदस्यों के खिलाफ, जो आज बिना किसी पूर्व सूचना के हैबिटेट पहुंचे और हथौड़ों से जगह को तोड़ दिया?” कामरा ने लिखा था, “जो लोग मेरा नंबर लीक करने या मुझे लगातार कॉल करने में व्यस्त हैं, मुझे यकीन है कि अब तक आपको एहसास हो गया होगा कि सभी अज्ञात कॉल मेरे वॉयसमेल पर जाते हैं, जहां आपको वही गाना सुनाया जाएगा, जिससे आप नफरत करते हैं।”

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