आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में नौ महीने की गर्भवती महिला के. अनुषा की हत्या के मामले में परिजनों और महिला संगठनों ने आरोपी पति के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की है।
मंगलवार को महिला संगठनों ने इस सनसनीखेज मामले की तेज़ सुनवाई के लिए आंध्र प्रदेश सरकार से फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्थापना की मांग की।
27 वर्षीय अनुषा के शव का पोस्टमॉर्टम किंग जॉर्ज अस्पताल में किया गया, जहां महिला संगठनों के सदस्यों ने प्रदर्शन किया।
नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन वीमेन (NFIU) की नेताओं ने नारे लगाते हुए दोषी को सख्त सजा देने और फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि आरोपी ज्ञानेश्वर राव को जमानत न मिले, इसका पुलिस को पूरा ध्यान रखना चाहिए। महिला कार्यकर्ताओं ने वकीलों से अपील की कि वे आरोपी का केस न लड़ें।
अनुषा के परिजनों और दोस्तों का आरोप है कि ज्ञानेश्वर राव ने एक सोची-समझी साजिश के तहत उसकी हत्या की। उनका दावा है कि उसने जानबूझकर अस्पताल ले जाने में देरी की और जब अनुषा सो रही थी, तब गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या सोमवार सुबह पीएम पालेम थाना क्षेत्र के अंतर्गत मधुरावाड़ा स्थित उनके घर में हुई।
पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2022 में अनुषा और ज्ञानेश्वर राव ने प्रेम विवाह किया था और वे आरटीसी डिपो के पास एक घर में रह रहे थे।
ज्ञानेश्वर राव दो फास्ट फूड सेंटर्स चलाता है, जबकि अनुषा ने होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था।
अनुषा को सोमवार सुबह डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती होना था। लेकिन ज्ञानेश्वर ने रिश्तेदारों को बताया कि वह अचानक बेहोश हो गई। फिर वह रिश्तेदारों के साथ उसे अस्पताल लेकर गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अनुषा के परिवार ने जब उसकी मौत पर संदेह जताया, तो पुलिस ने ज्ञानेश्वर से पूछताछ की। उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ज्ञानेश्वर ने सोती हुई अनुषा का गला कपड़े से घोंटकर हत्या की।
अनुषा के परिजनों ने पुलिस को बताया कि ज्ञानेश्वर काफी समय से उससे दूरी बना रहा था। उसने एक बार यह कहकर अनुषा को छोड़ने के लिए कहा था कि उसे कैंसर है और वह किसी और से शादी कर ले, लेकिन अनुषा ने इनकार कर दिया था।
शादी के तीन साल बाद भी उसने अनुषा को अपने माता-पिता से नहीं मिलवाया था। जब भी अनुषा इस बारे में पूछती, वह कोई न कोई बहाना बना देता था।
अनुषा की मां का बचपन में ही निधन हो गया था, और पिता चार साल पहले चल बसे। हाल ही में उसने अपनी दादी को घर बुलाया था ताकि वे उसकी मदद कर सकें।
परिजनों का कहना है कि ज्ञानेश्वर ने प्रेम और शादी के नाम पर अनुषा को धोखा दिया और जब उसे छोड़ने की उसकी योजना विफल हो गई, तो उसने उसकी हत्या कर दी।


