जबलपुर। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत प्रमुख सचिव ऊर्जा मनीष सिंह ने नरसिंहपुर जिले के प्रवास पर मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के 220/132/33 केवी अति उच्च दाब सबस्टेशन रोंसरा का औचक जायजा लिया। इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता टेस्टिंग एम.वाई. मंसूरी, अधीक्षण अभियंता टेस्टिंग एन.एस. लोधी, कार्यपालन अभियंता रमेश सिंह, राजेश चतुर्वेदी और विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण अभियंता नीलाभ श्रीवास्तव मौजूद रहे। प्रमुख सचिव ने सभी वरिष्ठ तकनीकी अधिकारियों से ग्रिड संचालन, विद्युत आपूर्ति की निरंतरता और मैदानी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कर्मचारियों के तकनीकी कार्यों की सराहना करते हुए सुरक्षा नियमों के पूर्ण पालन पर जोर दिया।
नाले का पुल और पहुंच मार्ग तुरंत सुधारें
नरसिंहपुर बाईपास निर्माण के चलते केंद्र तक वाहनों की आवाजाही में आ रही दिक्कतों को देखकर प्रमुख सचिव ने गहरी चिंता जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य गाड़ियों के फंसने से भविष्य में किसी भी तकनीकी गड़बड़ी पर भारी पावर ट्रांसफार्मर और जरूरी उपकरण समय पर नहीं पहुंच सकेंगे। इस गंभीर समस्या को हल करने के लिए स्थानीय प्रशासन से तुरंत तालमेल बनाकर पास के नाले पर बने पुल के नए निर्माण और सड़क मरम्मत का काम जल्द पूरा करने को कहा गया। कार्यस्थल पर सुरक्षा से जुड़ी हर गाइडलाइन का पालन अनिवार्य करने के निर्देश भी मौके पर दिए गए।
रबी सीजन और संचार नेटवर्क रहेगा मजबूत
जबलपुर से पिपरिया के बीच बिजली आपूर्ति का बड़ा केंद्र होने के कारण ग्रिड के लोड प्रबंधन को व्यवस्थित रखने के आदेश दिए गए। आगामी खेती के मौसम को देखते हुए अन्नदाताओं को लगातार उच्च गुणवत्ता की बिजली देने के लिए संभावित मांग का पहले से सटीक अनुमान लगाने को कहा गया। इसके अलावा ऑप्टिकल फाइबर ग्राउंड वायर नेटवर्क और लीजिंग व्यवस्था की पड़ताल करते हुए डेटा कनेक्टिविटी को लगातार बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए ताकि उपभोक्ताओं और सेवा प्रदाता कंपनियों को बिना किसी रुकावट के तेज संचार सुविधा मिलती रहे।


