35.5 C
Jabalpur
May 28, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

पीएम मोदी के कार्यों में झलकते हैं भीमराव अंबेडकर के आदर्श : त्रिपुरा सीएम

अगरतला, 29 अप्रैल। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोमवार को कहा कि भारतीय संविधान के निर्माता और देश के पहले कानून मंत्री बीआर अंबेडकर देश में सामाजिक समानता के अगुवा थे। सीएम ने पश्चिम त्रिपुरा जिला प्रशासन और अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित रवींद्र शताब्दी भवन में डॉ. अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर एक सप्ताह तक चलने वाले समारोह और पैनल चर्चा के समापन समारोह में सोमवार को हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों में अंबेडकर के विचारों और आदर्शों को हर कोई देख सकता है। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी ने गरीब लोगों को बैंकिंग सेवाओं के दायरे में लाया है, ताकि बिचौलियों का दखल न हो। पीएम मोदी ‘मुद्रा योजना’ भी लेकर आए हैं और इसके जरिए आदिवासी, अनुसूचित जाति, दलित और महिलाओं को फायदा हो रहा है। पीएम मोदी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी काम कर रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी के सपने को पूरा करने के लिए त्रिपुरा सरकार ने पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति, दलितों और अन्य लोगों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने 14 अप्रैल को बीआर अंबेडकर की जयंती मनाई। जब पहली केंद्रीय कैबिनेट बनी थी, तब वे कानून मंत्री थे। उन्होंने नफरत, द्वेष और अपमान के खिलाफ काम किया और वे एक अलग व्यक्ति थे। अंबेडकर ने शोषित लोगों के लिए काम किया और 1990 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। कई सालों तक पिछली सरकारों ने जानबूझकर उन्हें यह सम्मान नहीं दिया।” उन्होंने कहा कि लोगों के मौलिक अधिकारों और वित्तीय स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए बीआर अंबेडकर ने कई प्रस्ताव रखे थे। साहा ने कहा कि अंबेडकर इस देश को शोषण से मुक्त करना चाहते थे और उन्होंने यह भी कहा था कि हर किसी को देश के विकास के लिए काम करना होगा। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने देश और राज्यों के विकास के लिए उद्योगों और कृषि के विकास पर जोर दिया था। उन्होंने अंधविश्वास के खिलाफ अथक काम किया था। साहा ने कहा, “उन्होंने (अंबेडकर ने) ऐसे काम किए, इसलिए हम यहां हैं और साथ रह रहे हैं। आने वाली पीढ़ियों को उनके और देश के लिए उनके योगदान के बारे में अधिक जानना चाहिए। हमें इतिहास के बारे में अच्छी तरह से पता होना चाहिए।” सेमिनार में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य राजीब भट्टाचार्य, पश्चिम त्रिपुरा जिला सभाधिपति प्रभारी विश्वजीत शील, पश्चिम त्रिपुरा के जिलाधिकारी विशाल कुमार, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के निदेशक जयंत डे व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

अन्य ख़बरें

फर्जी नामांतरण कर तहसीलदार फंसे, रिपोर्ट बनाने वाले पटवारी को क्यों बख्शा जा रहा

Newsdesk

पैसों के विवाद में युवक का फिल्मी स्टाइल में अपहरण, बेरहमी से मारपीट के बाद मारी गोली

Newsdesk

रांझी में वृद्धा की संदिग्ध मौत

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading