आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर में बुधवार को एक वार्षिक उत्सव के दौरान दीवार गिरने से कम से कम आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
यह हादसा सिम्हाचलम में आधी रात के बाद हुई भारी बारिश के कारण हुआ। चंदनोत्सव के दौरान दर्शन के लिए टिकट खरीदने के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं पर दीवार गिर गई। यह उत्सव बुधवार से शुरू होने वाला था।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जवान पुलिस और अन्य विभागों की मदद से तत्काल राहत और बचाव कार्य में जुट गए।
अधिकारियों ने बताया कि मलबे से सात शव निकाले गए और उन्हें किंग जॉर्ज अस्पताल भेजा गया। मृतकों में पांच पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गृह मंत्री वंगालपुड़ी अनिता, विशाखापत्तनम जिलाधिकारी एम.एन. हरेंद्र प्रसाद और पुलिस आयुक्त शंका ब्रता बागची राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
यह घटना मंदिर के वार्षिक उत्सव चंदनोत्सव शुरू होने से कुछ घंटे पहले हुई। अधिकारियों के अनुसार, 300 रुपये के टिकट खरीदने के लिए कतार में लगे श्रद्धालु इस दुर्घटना का शिकार हुए।
‘निजरूप दर्शन’ के लिए दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना थी, जब भगवान की मूर्ति पर चढ़ी चंदन की परत हटाई जाती है। ये अनुष्ठान सुबह जल्दी शुरू होने थे।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से स्थिति की जानकारी ली और निरंतर समीक्षा कर रहे हैं।
एंडोमेंट्स मंत्री अनम राम नारायण रेड्डी ने भी इस घटना पर शोक व्यक्त किया और बताया कि घटना की सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल बचाव कार्य शुरू करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ के जवानों और एंबुलेंस को राहत कार्य में लगाया गया है। गृह मंत्री घटनास्थल पर पहुंचकर स्वयं राहत और बचाव कार्य की निगरानी कर रही हैं।
एंडोमेंट्स मंत्री ने इस घटना की जांच के आदेश दिए और कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
सरकार पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने भी इस घटना पर गहरा दुख और शोक व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि यह अत्यंत हृदयविदारक घटना है कि जो श्रद्धालु भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए आए थे, उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी।
जगन मोहन रेड्डी ने सरकार से घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और मृतकों के परिवारों को हरसंभव सहायता देने की अपील की।


