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September 1, 2026
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रितेश देशमुख बोले: “विलेन के बिना हीरो को कोई याद नहीं रखेगा”

Riteish Deshmukh 1 मई — अभिनेता रितेश देशमुख ने सिनेमा में खलनायकों (विलेन) की अहम भूमिका पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि किसी भी फिल्म की ताकत उसके विलेन की जटिलता में छिपी होती है।

रितेश ने कहा कि एक अच्छी कहानी की आत्मा संघर्ष में होती है — और यह संघर्ष तभी असरदार बनता है जब नायक और खलनायक दोनों को बराबर की अहमियत दी जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिर्फ हीरो या विलेन के किरदार से कहानी नहीं बनती, बल्कि जब ये दोनों आमने-सामने आते हैं तो एक यादगार यात्रा शुरू होती है।

‘मस्ती’ फेम अभिनेता ने समझाया कि कोई भी हीरो तभी यादगार बनता है जब उसके सामने एक मजबूत और चुनौतीपूर्ण विलेन होता है।

उन्होंने फिल्मों ‘मिस्टर इंडिया’ और ‘रेड’ का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे मोगैंबो और सौरभ शुक्ला जैसे विलेन ने कहानी को ऊंचाई दी और नायक की यात्रा को प्रभावशाली बना दिया।

रितेश ने IANS से कहा,
“देखिए, हीरो या विलेन से ज़्यादा बात होती है किरदार की। एक अच्छी कहानी तब बनती है जब उसमें जोरदार टकराव हो, और इसके लिए दोनों पक्षों का ताकतवर होना ज़रूरी है। हीरो तब तक नहीं चमकता जब तक विलेन आख़िरी पल तक उस पर भारी न पड़े। ये ऐसा है जैसे स्पीड ब्रेकर को पार करना आसान है, लेकिन माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना एक चुनौती है। जितनी कठिन राह, उतनी दिलचस्प कहानी।”

‘मरजावां’ एक्टर ने यह भी कहा कि एक खलनायक को स्क्रीन टाइम ज्यादा मिले, ये ज़रूरी नहीं है — लेकिन उसका किरदार इतना गहराई वाला होना चाहिए कि वह हीरो को गंभीर चुनौती दे सके।

उन्होंने आगे कहा,
“हर वो फिल्म जिसमें हीरो आइकॉनिक बनता है, उसमें एक दिलचस्प विलेन ज़रूर होता है। बिना अच्छे खलनायक के, हीरो शायद ही याद रहता है। मिस्टर इंडिया आज भी इसलिए यादगार है क्योंकि उसमें मोगैंबो था। महारानी में संजय दत्त का किरदार सामने आता है, जो हीरो के लिए सबसे बड़ा संघर्ष बन जाता है।”

रितेश ने यह भी जोड़ा,
“आपको रेड इसलिए पसंद आई क्योंकि उसमें सौरभ शुक्ला ने दमदार प्रदर्शन किया, जिससे कहानी को गहराई मिली। इससे फर्क नहीं पड़ता कि विलेन का रोल छोटा है या बड़ा — फर्क इससे पड़ता है कि उसे कितना रोचक तरीके से लिखा और निभाया गया है। ये बात पहले भी सच थी, आज भी है और आगे भी रहेगी। हर बड़ी कहानी में एक बड़ी चुनौती ज़रूरी है — और वही चुनौती होता है विलेन।”

रितेश देशमुख, जिन्हें ‘एक विलेन’ और ‘मरजावां’ जैसी फिल्मों में अपने एंटागोनिस्ट किरदारों के लिए सराहना मिली है, अब अपनी नई फिल्म ‘रेड 2’ में भ्रष्ट राजनेता की भूमिका निभा रहे हैं।

यह फिल्म अजय देवगन के साथ, 1 मई (लेबर डे) को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई।

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