नई दिल्ली, 11 जून । गर्मी अब अपने पूरे जोर पर है। लू चल रही है और दिनभर के बाद शरीर व मन दोनों थकान से भरे रहते हैं। ऐसी स्थिति में बाजार के कोल्ड ड्रिंक्स की जगह पारंपरिक और सेहतमंद खस का शरबत कई लोगों की पहली पसंद बन रहा है। यह सिर्फ एक ठंडा पेय नहीं, बल्कि तन और मन दोनों को आराम देने वाला प्राकृतिक उपाय है। खस शरबत गर्मियों के मौसम में ठंडक का पारंपरिक स्वाद माना जाता है। इसकी मनमोहक खुशबू, हल्की मिठास और ठंडक का एहसास पीते ही तरोताजगी भर देता है। पूरे देश के साथ ही खासतौर पर उत्तर भारत में खस शरबत सदियों से घर-घर में लोकप्रिय रहा है। जब बाहर सूरज तप रहा हो, तब एक गिलास खस शरबत दिनभर की थकान, जलन और गर्मी को तुरंत कम कर देता है। खस की जड़ें प्राकृतिक रूप से ठंडक प्रदान करने वाली मानी जाती हैं। इन्हें पानी में भिगोकर रखने से पानी में ठंडक आ जाती है। यह शरीर के अंदर से गर्मी निकालने में मदद करता है, पसीने से होने वाली कमजोरी को दूर करता है और मन को शांत रखता है। आयुर्वेद में भी खस को गर्मी से बचाव और पाचन सुधारने वाला बताया गया है। यह बिना किसी साइड इफेक्ट के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए सुरक्षित है। खस का शरबत बनाने का तरीका भी आसान है। इसके लिए खस की जड़ों को अच्छी तरह साफ करके दो-तीन घंटे पानी में भिगोकर रखें। फिर इस पानी को छानकर उसमें चीनी या गुड़, नींबू का रस और थोड़ी सी इलायची मिलाकर शरबत तैयार कर लें। चाहें तो इसमें पुदीना या सौंफ भी डाल सकते हैं। गर्मी में इसे फ्रिज में रखकर पीने से दोहरी ठंडक मिलती है। बाजार में मिलने वाले रेडीमेड शरबत की जगह घर पर बना शरबत ज्यादा स्वादिष्ट और फायदेमंद होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में खस शरबत रोज पीने से शरीर का तापमान संतुलित रहता है, निर्जलीकरण से बचाव होता है और थकान जल्दी दूर होती है। यह न सिर्फ प्यास बुझाता है बल्कि स्वाद की दृष्टि से भी बेहद लाजवाब है।


