गोपालगंज (बिहार): बिहार में शराबबंदी कानून के बावजूद शराब तस्करी के मामलों में कोई कमी नहीं आ रही है। तस्कर नए-नए हथकंडे अपनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। ताजा मामला गोपालगंज जिले का है, जहां एक शराब तस्कर ने LPG गैस सिलेंडर को शराब छिपाने का जरिया बना लिया। लेकिन उत्पाद विभाग की सतर्कता के चलते यह चालाकी भी ज्यादा देर नहीं चल सकी।
जानकारी के अनुसार, कुचायकोट थाना क्षेत्र के मैरवा पुल के पास उत्पाद विभाग की टीम वाहनों की नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान एक अधेड़ उम्र का व्यक्ति घरेलू गैस सिलेंडर के साथ बाइक पर सवार दिखा। प्रारंभिक तलाशी में कुछ भी संदिग्ध नहीं लगा, लेकिन जब गैस सिलेंडर की जांच की गई तो पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।
सिलेंडर से बरामद हुई 50 लीटर से अधिक शराब
जब सिलेंडर को उलटा कर देखा गया, तो उसमें से बीयर और विदेशी शराब की बड़ी मात्रा निकली। कुल मिलाकर 22 कैन बीयर और 22 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की गई। उत्पाद विभाग ने पुष्टि की है कि कुल 11 लीटर बीयर और 39 लीटर विदेशी शराब जब्त की गई है।यूपी से लाई जा रही थी शराब की खेप
गिरफ्तार आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के तमकुहीराज थाना अंतर्गत हरिहरपुर निवासी सूरज के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि वह शराब की यह खेप यूपी से बिहार में खपाने के लिए ला रहा था। तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया है और बाइक को भी जब्त कर लिया गया है।
शराबबंदी के बावजूद नहीं थम रही तस्करी
उत्पाद अधीक्षक अमितेश झा ने बताया कि बरामद शराब की सप्लाई चेन की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि विशंभरपुर थाना क्षेत्र की गंडक नदी के रास्ते बड़ी नाव से भारी मात्रा में शराब यूपी से बिहार पहुंचाई जा रही थी, जिसे जब्त कर लिया गया है।
घोड़े से लेकर एम्बुलेंस तक हो रही तस्करी
यह पहला मौका नहीं है जब शराब तस्करी का ऐसा अनोखा तरीका सामने आया हो। हाल ही में बेतिया में पुलिस ने शराब के साथ एक घोड़े को भी जब्त किया था। इससे पहले तस्कर स्कॉर्पियो, ट्रक, एम्बुलेंस और यहां तक कि महिलाओं के बुर्के का इस्तेमाल भी तस्करी के लिए कर चुके हैं।


