बेंगलुरु, 6 जून। बेंगलुरु पुलिस ने चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास हुई भगदड़ में 11 लोगों की मौत के मामले में शुक्रवार को चार और आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
इससे पहले पुलिस ने आरसीबी के मार्केटिंग हेड और डीएनए इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के तीन कर्मचारियों को हवाईअड्डे से गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में आरसीबी के हेड और वाइस प्रेसिडेंट राजेश मेनन, डीएनए इवेंट मैनेजमेंट के डायरेक्टर के.टी. मजीद, कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) के सचिव ए. शंकर और कोषाध्यक्ष जयराम की तलाश जारी है।
पुलिस को पता चला है कि राजेश मेनन इंदिरानगर से फरार हो गया है, जबकि शंकर और जयराम एक ही गाड़ी से भाग निकले। खबर है कि ये दोनों हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत लेने की तैयारी में हैं।
वहीं, डीसीपी अक्षय एम. ने गिरफ्तार हुए निकिल सोजले (आरसीबी), सुनील मैथ्यू, किरण और सुमंथ (डीएनए) से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि यह केस जल्द ही सीआईडी को सौंपा जाएगा।
एफआईआर में आरसीबी, डीएनए और केएससीए के खिलाफ बिना अनुमति के विजय जुलूस आयोजित करने का आरोप है।
टिकट वितरण में गड़बड़ी और सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने के कारण लाखों लोग वहां इकट्ठा हो गए, जिससे भगदड़ हुई।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर समेत पांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। उन्होंने आयोजकों की गिरफ्तारी के भी आदेश दिए हैं।
एफआईआर भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत दर्ज हुई है, जिनमें गैर इरादतन हत्या, गंभीर चोट पहुंचाना, अवैध जमावड़ा, लोक सेवक के काम में बाधा डालना, झूठा हलफनामा देना, और लापरवाही से मानव जीवन को खतरे में डालने जैसे आरोप शामिल हैं।


