नई दिल्ली, 6 जून। अमेरिकी वैज्ञानिकों ने कोविड-19 के वायरस (SARS-CoV-2) के उस तंत्र का पता लगाया है, जिससे वह शरीर के भीतर अपनी रक्षा करता है और खुद को दोहराकर नई कोशिकाओं में संक्रमण फैलाता है।
टेक्सास बायोमेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट और यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगर यह सुरक्षा तंत्र न हो तो वायरस का संक्रमण काफी हद तक घट जाता है।
यह शोध ‘नेचर कम्युनिकेशंस’ जर्नल में प्रकाशित हुआ है और इससे कोविड-19 के इलाज के लिए संभावित दवाओं के नए लक्ष्यों के साथ-साथ भविष्य के टीकों और एंटीवायरल दवाओं के विकास में मदद मिल सकती है।
पिछले शोध के आधार पर, टीम ने वायरस के ORF3a नामक प्रोटीन की पहचान की थी, जो वायरस को बीमारी फैलाने में अहम भूमिका निभाता है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि ORF3a प्रोटीन खासकर वायरस के स्पाइक प्रोटीन को सुरक्षित रखने में मदद करता है। यह प्रोटीन वायरस को दूसरी कोशिकाओं में प्रवेश करने में मदद करता है।
ORF3a प्रोटीन “3a डेंस बॉडीज” या 3DBs नामक एक सुरक्षा कवच बनाता है, जो स्पाइक प्रोटीन को बाहरी नुकसान से बचाता है, जैसे कि किसी व्यक्ति की सुरक्षा के लिए अंगरक्षक या बख्तरबंद गाड़ी।
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो के असिस्टेंट प्रोफेसर जुएकी चेन ने बताया कि जब ORF3a न हो, तो ये सुरक्षा कवच नहीं बनते और स्पाइक प्रोटीन क्षतिग्रस्त होकर पहुंचता है, जिससे वायरस की संक्रमण फैलाने की क्षमता कम हो जाती है।
टेक्सास बायोमेड के प्रोफेसर लुइस मार्टिनेज-सोब्रिडो ने कहा कि ORF3a को दवाओं के विकास के लिए टारगेट किया जा सकता है। इससे टीकों के विकास में भी मदद मिलेगी।


