आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में महिला डॉक्टर से बलात्कार और हत्या के मामले में चल रही जांच के तहत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को कोलकाता की ट्रायल कोर्ट में अपनी चौथी स्थिति रिपोर्ट (Status Report) पेश की।
इस केस में बड़ी साजिश की जांच कर रही सीबीआई ने अपनी पिछली रिपोर्टों में कई व्यक्तियों के बयान दर्ज किए थे। पहले दो स्टेटस रिपोर्टों में कुल 36 लोगों के नाम दर्ज किए गए थे, जिनमें से 24 नाम पहले और बाकी 12 नाम दूसरी रिपोर्ट में शामिल थे।
मंगलवार को अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया कि अगली रिपोर्ट के साथ इन सभी 36 व्यक्तियों के विस्तृत बयान (डॉक्यूमेंट सहित) पेश किए जाएं।
कोर्ट के जज ने सीबीआई को इस मामले को गंभीरता से लेने की सलाह देते हुए कहा कि “एक ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर के साथ कार्यस्थल पर बलात्कार और हत्या हुई है, यह एक गंभीर मामला है।”
इस बीच, पीड़िता के परिवार की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट में आरोप लगाया कि सीबीआई अपनी स्टेटस रिपोर्ट्स में सिर्फ शब्दों से खेल रही है। उन्होंने कहा, “आज पेश की गई चौथी स्टेटस रिपोर्ट भी पिछली रिपोर्ट्स की कॉपी-पेस्ट प्रतीत होती है।” वकील ने मांग की कि सीबीआई उन सभी लोगों की कस्टोडियल पूछताछ करे, जो अपराध से ठीक पहले पीड़िता के संपर्क में आए थे।
गौरतलब है कि पीड़िता का शव 9 अगस्त 2023 की सुबह, कोलकाता स्थित राज्य संचालित आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सेमिनार रूम में पाया गया था।
अब तक इस मामले में सिर्फ एक व्यक्ति, नागरिक स्वयंसेवक संजय रॉय को दोषी ठहराया गया है और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। हालांकि पीड़िता के माता-पिता शुरू से यह दावा करते रहे हैं कि संजय रॉय अकेला दोषी नहीं है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई शुरू से ही इस मामले की जांच लापरवाही से कर रही है


