जाति एवं पात्रता संबंधी दस्तावेजों के सत्यापन की मांग_
आवेदिका ने कलेक्टर और अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष को सौंपा शिकायत पत्र_
*अनूपपुर* जिले के कोतमा विधानसभा क्षेत्र एवं जनपद पंचायत अनूपपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत छूल्हाटोला के आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-63, पकरियाटोला में वर्ष 2026 की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भर्ती को लेकर शिकायत सामने आई है। आवेदिका वर्षा बैगा पति राजबहादुर भरिया ने भर्ती प्रक्रिया में जाति एवं पात्रता संबंधी दस्तावेजों की जांच की मांग की है।
आवेदिका ने ग्राम पंचायत बदरा अंतर्गत शासकीय आईटीआई भवन में आयोजित मुख्यमंत्री जन विश्वास यात्रा कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर रत्नाकर झा तथा मध्यप्रदेश अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की जांच कराने का अनुरोध किया।
*जाति प्रमाण पत्र के सत्यापन की मांग*
शिकायत में आवेदिका ने आरोप लगाया है कि भर्ती प्रक्रिया में एक अभ्यर्थी को भारिया जाति के आधार पर पात्रता का लाभ दिए जाने की स्थिति बनी है। आवेदिका ने संबंधित अभ्यर्थी के जाति प्रमाण पत्र सहित निवास प्रमाण पत्र, आधार/पहचान दस्तावेज एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों का सक्षम प्राधिकारी से सत्यापन कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, यदि किसी अभ्यर्थी द्वारा बैगा, भारिया, सहरिया अथवा अन्य विशेष जनजाति का प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया है, तो यह भी जांच का विषय होना चाहिए कि प्रमाण पत्र किस रिकॉर्ड और आधार पर जारी किया गया। इसके लिए पुराने राजस्व अभिलेख, परिवार की जाति संबंधी प्रविष्टियां, वंशावली तथा पूर्व में जारी जाति प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराने की मांग की गई है।
*जांच पूरी होने तक नियुक्ति रोकने की मांग*
आवेदिका ने कहा है कि यदि जांच में किसी दस्तावेज में गलत जाति, गलत जानकारी अथवा भ्रामक तथ्य प्रस्तुत किए जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित अभ्यर्थी के साथ-साथ दस्तावेज जारी करने की प्रक्रिया की भी नियमानुसार जांच की जानी चाहिए।
साथ ही उन्होंने मांग की है कि जांच पूरी होने तक विवादित भर्ती में अंतिम नियुक्ति न दी जाए अथवा नियुक्ति को जांच के परिणाम से संबद्ध रखा जाए, ताकि यदि कोई अभ्यर्थी अपात्र पाया जाता है तो उसे नियुक्ति का अनुचित लाभ न मिल सके।
*पति के शपथ पत्र का भी हवाला*
शिकायत के साथ आवेदिका के पति राजबहादुर भरिया का शपथ पत्र भी प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है। शपथ पत्र में उन्होंने स्वयं को राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार भरिया (अ.ज.जा.) वर्ग का बताया है और आरोप लगाया है कि आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-63 में नियुक्ति पाने वाली साधना भरिया को भारिया जाति का मानकर नियुक्ति दी गई, जिसकी पात्रता की जांच आवश्यक है।
शपथ पत्र में यह भी उल्लेख है कि साधना भरिया पारिवारिक संबंध में आती हैं और वंश वृक्ष के आधार पर उनकी जाति संबंधी स्थिति का सत्यापन किया जा सकता है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और अंतिम स्थिति संबंधित सरकारी अभिलेखों एवं सक्षम जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
*PVTG वर्ग की महिलाओं के चयन का प्रावधान*
शिकायत में मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र क्रमांक एफ 6-1-2002-आ.प्र.-एक, दिनांक 19.09.2002 तथा अधिसूचना दिनांक 11.01.2010 का हवाला देते हुए कहा गया है कि बैगा, सहरिया एवं भारिया जैसे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) की पात्र महिला अभ्यर्थियों के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका के चयन में विशेष प्रावधान हैं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि किसी केंद्र पर ऐसी श्रेणी की पात्र महिला अभ्यर्थी आवेदन करती है और वह नियुक्ति की सभी शर्तें पूरी करती है, तो नियमानुसार उसके आवेदन पर प्राथमिकता से विचार किया जाना चाहिए। एक से अधिक पात्र PVTG अभ्यर्थी होने की स्थिति में पारस्परिक मेरिट के आधार पर चयन किए जाने तथा स्थानीय निवासी होना अनिवार्य होने का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है।
अब पूरे मामले में संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन और निष्पक्ष जांच किए जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भर्ती प्रक्रिया में नियमों का पालन हुआ है या नहीं।


