Jabalpur News Today – एक मां जिसे अपने बेटे पर गर्व होना चाहिए था, आज उसी बेटे के खिलाफ न्याय की भीख मांगती हुई पुलिस अधीक्षक कार्यालय की चौखट पर खड़ी है। आंखों में आंसू, चेहरे पर अपमान और दिल में टूटे रिश्ते का दर्द लिए मंगलवार को रेवतीबाई सोनी एसपी ऑफिस पहुँचीं, जहां उन्होंने बताया कि कैसे उनका अपना बेटा उन्हें घर से निकाल चुका है।
पीड़िता की पीड़ा: तीन बेटों में सिर्फ एक साथ था, उसी ने निकाला बाहर
रेवतीबाई सोनी ने भावुक स्वर में बताया कि उनके तीन बेटे हैं—एक इंदौर में रहता है और दूसरा उनसे वर्षों से कोई संबंध नहीं रखता। छोटा बेटा चंद्र सोनी उनके साथ ही गोहलपुर क्षेत्र में रहता था। बुजुर्ग मां का आरोप है कि चंद्र ने विश्वासघात करते हुए धोखे से घर की संपत्ति अपने नाम करा ली, और अब जब उसकी मंशा पूरी हो गई तो उसने अपनी ही मां को घर से बाहर निकाल दिया।
बहू द्वारा भी प्रताड़ना, घर में नहीं रही जगह
रेवतीबाई ने बताया कि बेटे के साथ-साथ बहू प्रीति भी उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करती रही। उन्होंने कहा, “धीरे-धीरे घर का माहौल ऐसा बना दिया गया कि मैं अपमान और अनदेखी के सिवाय कुछ नहीं झेल रही थी। अब तो घर से बाहर निकालकर मुझे दर-दर भटकने को मजबूर कर दिया गया है।”
रेवतीबाई की आंखें उस वक्त छलक आईं जब उन्होंने कहा, “मैंने बेटे से हाथ जोड़कर कहा, बेटा कुछ तो समझो, लेकिन उसने साफ कह दिया — ‘जी, घर के बाहर हो जा’।”
पुलिस का पक्ष और कार्रवाई
एसपी ऑफिस पहुँची रेवतीबाई की बात को पुलिस अधिकारियों ने गंभीरता से सुना। मामले की प्राथमिक जानकारी मिलने के बाद महिला की शिकायत आलंबन शाखा को सौंपी गई है और गोहलपुर थाना को जांच के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। यदि जांच में यह पुष्टि होती है कि बेटा और बहू ने जानबूझकर बुजुर्ग महिला को संपत्ति के लिए प्रताड़ित किया और घर से निकाला है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील मामला, मानवीय दृष्टिकोण से होगी जांच
पुलिस ने यह भी कहा है कि बुजुर्गों के साथ दुर्व्यवहार के मामलों में प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ काम करता है, और इस प्रकरण में भी मानवाधिकारों और वरिष्ठ नागरिक संरक्षण अधिनियम के तहत उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


