MP RISE 2025, 27 जून : मध्यप्रदेश के औद्योगिक भविष्य को दिशा देने वाला ‘एमपी राइज 2025’ कॉन्क्लेव शुक्रवार को रतलाम के नेहरू स्टेडियम में भव्य रूप से आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसका उद्घाटन किया और इस दौरान 47 औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन कर उन्हें एक क्लिक में लॉन्च किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत 1,670 करोड़ रुपये से अधिक है और इनसे 3,780 से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
कॉन्क्लेव का थीम था: “सफल उद्यमी, समृद्ध उद्योग, समावेशी विकास”, जिसमें देशभर से 3,500 से अधिक उद्योगपतियों और निवेशकों ने भाग लिया। कार्यक्रम के लिए 5,000 से ज्यादा प्रतिभागियों ने ‘इनवेस्ट एमपी’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया, जिससे इसकी राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती लोकप्रियता का संकेत मिलता है। यह पहली बार है जब ऐसा आयोजन जिला मुख्यालय पर किया गया।
मुख्यमंत्री यादव ने इस अवसर पर घोषणा की कि सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए रतलाम में एक सैटेलाइट टाउनशिप विकसित की जाएगी, ताकि उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को रुकने की सुविधा मिल सके। साथ ही उन्होंने बताया कि जल्द ही धार जिले में केंद्रीय सहायता प्राप्त टेक्सटाइल पार्क की स्थापना भी होगी।
कॉन्क्लेव में 100 से अधिक स्टार्टअप और एमएसएमई आधारित नवाचारों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। पांच स्व-निर्मित उद्यमियों ने अपने प्रेरणादायक सफर साझा किए और उन पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रयास नगर के पास भाजपा के नए जिला कार्यालय का भूमि पूजन भी किया। यह नया कार्यालय 24,600 वर्गफुट क्षेत्र में बनेगा और इसके लिए ₹67.36 लाख की भूमि खरीदी गई है।
राज्य एमएसएमई मंत्री चेतन कश्यप ने कहा कि यह कॉन्क्लेव रतलाम को प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने बताया कि 500 से अधिक उद्यमों को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र दिए गए और 1,000 करोड़ रुपये के ऋण वितरण के जरिए 1 लाख से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की गई।
कॉन्क्लेव के दौरान रीवा, सागर, अलीराजपुर और पीथमपुर में नए औद्योगिक क्षेत्रों का वर्चुअल उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही 16 नए औद्योगिक क्षेत्र (₹243 करोड़ मूल्य) और 11 राज्य स्तरीय क्लस्टर भी लॉन्च किए गए, जिनसे 2,850 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आने की उम्मीद है और 5,450 से ज्यादा रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
राज्य सरकार द्वारा 2025 को ‘उद्योग और रोजगार वर्ष’ घोषित करने के बाद, यह कॉन्क्लेव मध्यप्रदेश के आत्मनिर्भर और समावेशी विकास लक्ष्य की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है।


