भोपाल, 30 जून: मध्यप्रदेश कांग्रेस ने सोमवार को ऐलान किया कि वह राज्य प्रमुख जीतू पटवारी के खिलाफ अशोकनगर जिले में दर्ज एफआईआर को लेकर 8 जून को बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह FIR जिला प्रशासन की विफलता और राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था को छिपाने के लिए दर्ज की गई है। पार्टी ने भाजपा पर विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश का आरोप लगाया।
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने सोमवार को कहा, “हम 7 जून तक इंतजार करेंगे। यदि तब तक FIR रद्द नहीं की गई, तो 8 जून से कांग्रेस कार्यकर्ता बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे। कार्यकर्ता पुलिस थानों और अशोकनगर जिला प्रशासन कार्यालय पर जुटेंगे।”
सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदौर में संभागायुक्त कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के झंडे और बैनर लिए 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी की और जीतू पटवारी के खिलाफ दर्ज FIR को वापस लेने की मांग की।
मामले की पृष्ठभूमि:
यह FIR अशोकनगर जिले के मुंगावली थाने में शुक्रवार को दर्ज की गई थी, जब एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें युवक रघुराज लोधी ने आरोप लगाया कि गांव के सरपंच और उनके बेटे ने उसके भाई गजराज लोधी की पिटाई की और उसे मानव मल खाने के लिए मजबूर किया।
इस वीडियो के आधार पर जीतू पटवारी ने राज्य में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि भाजपा सरकार में दलितों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने अशोकनगर के कलेक्टर और एसपी से बात कर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की थी।
हालांकि शुक्रवार को गजराज लोधी ने अशोकनगर कलेक्टर के समक्ष एक शपथपत्र दिया, जिसमें कहा गया कि जीतू पटवारी ने उसे झूठा बयान देने के लिए बहकाया था कि उसे मल खिलाया गया।
इसके बाद जीतू पटवारी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 61(2) आपराधिक साजिश, 196(1)(a) वैमनस्य फैलाना, 197(1)(c) घृणा फैलाने वाली बात, 229(2) झूठे सबूत गढ़ना, 237 झूठा घोषणा पत्र देना और 353(1)(c) शरारत के तहत FIR दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वी. डी. शर्मा और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई भाजपा नेताओं ने जीतू पटवारी की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस राज्य का माहौल बिगाड़ने के लिए झूठ फैला रही है।


