कोलकाता, 7 जुलाई : पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी द्वारा साझा किया गया एक वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक विधायक को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के कार्यालय में उसकी पिटाई करते हुए देखा जा सकता है।
वीडियो में दिख रहे पीड़ित व्यक्ति पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (WBUHS) के सहायक रजिस्ट्रार प्रलय चक्रवर्ती हैं, जबकि उन्हें पीटते हुए जो शख्स नजर आ रहा है, वह पश्चिम मेदिनीपुर जिले की डेबरा विधानसभा सीट से TMC विधायक और पूर्व IPS अधिकारी हुमायूं कबीर हैं।
घटना कोलकाता के साल्ट लेक स्थित विश्वविद्यालय कार्यालय की बताई जा रही है।
इस वीडियो को सबसे पहले सुवेंदु अधिकारी ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर साझा किया, जिसके बाद यह वायरल हो गया। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि वीडियो चक्रवर्ती के कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे से प्राप्त फुटेज पर आधारित है। हालांकि IANS इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।
वीडियो के साथ साझा बयान में अधिकारी ने कहा,
“यह सर्वविदित है कि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का अहंकार और मनमानी चरम पर है। ममता बनर्जी के शासन में कानून व्यवस्था की स्थिति किस कदर बिगड़ चुकी है, इसका यह शर्मनाक उदाहरण है।”
उन्होंने आगे कहा, “सीसीटीवी फुटेज में दिखाया गया है कि पूर्व मंत्री और डेबरा से तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर ने सहायक रजिस्ट्रार श्री प्रलय चक्रवर्ती को उनके अपने कार्यालय में घुसकर जूते पहने हुए लातें मारीं, मुक्के मारे और लगातार प्रताड़ित किया। अंततः चक्रवर्ती को अपनी जान बचाने के लिए कार्यालय से भागना पड़ा।”
स्वास्थ्य विभाग की इस पर चुप्पी को लेकर भी सुवेंदु अधिकारी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी विभाग की “चुप्पी असहनीय है।”
इस बीच हुमायूं कबीर फिलहाल मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं और रिपोर्ट लिखे जाने तक तृणमूल कांग्रेस के किसी भी नेता ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
गौरतलब है कि हुमायूं कबीर पहले भी विवादों में रह चुके हैं। हाल ही में वे नदिया जिले के कालिगंज में बम विस्फोट में मारी गई नाबालिग लड़की तमन्ना खातून के घर पहुंचे थे और पीड़िता की मां को पैसे की पेशकश करने का आरोप लगा था।
यह आरोप तब सामने आया था जब TMC की विजय रैली के दौरान उनके घर की ओर कथित रूप से देसी बम फेंके गए थे, जिसकी चपेट में आकर तमन्ना की मौत हो गई थी। इस मामले में पार्टी ने कबीर को शोकॉज नोटिस भी जारी किया था।


