Pune News – बच्चों के साथ हो रही दर्दनाक घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिनमें कहीं बच्चों की नादानी तो कहीं मां-बाप की लापरवाही भारी पड़ जाती है। मंगलवार सुबह पुणे में एक ऐसी ही घटना ने सबको हिला कर रख दिया। समय रहते फुर्ती दिखाने वाले एक फायरमैन की वजह से एक चार साल की बच्ची की जान बच पाई, वरना बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
घटना का स्थान
यह चौंकाने वाली घटना मंगलवार सुबह लगभग 9 बजे पुणे के गुजर निंबालकरवाडी क्षेत्र स्थित सोनवने बिल्डिंग में घटी।
बच्ची के बारे में
चार साल की मासूम बच्ची भाविका अपनी मां और बड़ी बहन के साथ उसी बिल्डिंग के तीसरे माले पर रहती है। मंगलवार को भाविका की मां उसकी बड़ी बहन को स्कूल छोड़ने के लिए गई थीं और भाविका को फ्लैट के अंदर अकेले बंद कर बाहर से ताला लगाकर चली गईं।
हादसे का विवरण
भाविका घर में अकेली खेल रही थी, तभी वह खेलते-खेलते खिड़की के पास पहुंच गई। खिड़की पर लगी लोहे की ग्रिल में उसका सिर फंस गया और उसका आधा शरीर हवा में झूलने लगा। जब सोसायटी के लोगों ने तीसरी मंज़िल की खिड़की से एक बच्ची को लटका देखा, तो चारों ओर हड़कंप मच गया। लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया और मदद की गुहार लगाने लगे।
फायरमैन ने दिखाई बहादुरी
सोसायटी में ही रहने वाले योगेश चव्हाण, जो पेशे से कोथरूड फायर स्टेशन में फायरमैन हैं, उस समय छुट्टी पर थे। जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, वह बिना समय गंवाए तीसरी मंज़िल की ओर दौड़े। लेकिन फ्लैट बाहर से बंद था और दरवाजे पर ताला लगा हुआ था। योगेश तुरंत नीचे गए और बच्ची की मां से चाबी ली और फिर दौड़ते हुए ऊपर पहुंचे।
दरवाजा खोलकर उन्होंने तुरंत बच्ची को खिड़की से अंदर खींच लिया। उनकी फुर्ती और सूझबूझ से भाविका की जान बच गई और एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।


